तमिलनाडु के कन्याकुमारी से घर लौट रहे गम्हरिया प्रखंड के हल्दीबनी गांव निवासी विशाल महतो (25) की 22 अप्रैल को रास्ते में मौत हो गयी. बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में मातम पसर गया है. मृतक की मां अंजना देवी ने अपनी बदहाली का हवाला देते हुए खूंटी सांसद कालीचरण सिंह मुंडा व उपायुक्त नितिश कुमार सिंह से शव को घर लाने की मांग की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग करते हुए शव को जल्द झारखंड लाया जाये.
क्या है पूरा मामला:
मृतक की मां ने बताया कि कुछ समय पहले पति के निधन के बाद घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गयी थी. परिवार को संभालने के लिए विशाल छह माह पहले कन्याकुमारी की एक निजी कंपनी में मजदूरी करने गया था. 22 अप्रैल को वह जोलारपट्टा-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस से घर लौट रहा था. सफर के दौरान रेनोकोड़ा (तिरुपति) स्टेशन के पास अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गयी. यात्रियों की मदद से उसे स्टेशन पर उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. फिलहाल शव को रेनोकोड़ा रेल पुलिस ने सुरक्षित रखा है. श्रम विभाग ने पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए 50 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
कोट
– शव का पोस्टमार्टम गुरुवार को नहीं हो सका है. हम वहां के प्रशासन से लगातार बातचीत कर रहे हैं ताकि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शव को उनके पैतृक गांव हल्दीबनी लाया जा सके. -अविनाश ठाकुर, श्रम अधीक्षक