खरसावां: झारखंड के खरसावां विधायक दशरथ गागराई इन दिनों स्विट्जरलैंड में हैं. 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन 2026 में भाग लेने पहुंचे झारखंड विधानसभा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायक गागराई ने सम्मेलन के साथ-साथ आल्प्स पर्वत श्रृंखला की खूबसूरती को भी करीब से देखा. इसी क्रम में उन्होंने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जंगफ्राउजोख का भ्रमण किया. बर्फ से ढकी ऊंची पर्वत चोटियों, नीले आसमान और मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों के बीच विधायक गागराई नजर आये.
बर्फीली चोटियों के बीच पहुंचा झारखंड का प्रतिनिधिमंडल
सीपीए झारखंड शाखा के प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो और खरसावां विधायक दशरथ गागराई शामिल हैं. सम्मेलन के सिलसिले में स्विट्जरलैंड प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल को वहां की प्राकृतिक सुंदरता और महत्वपूर्ण स्थलों को देखने का अवसर मिल रहा है.
विधायक गागराई ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर जंगफ्राउजोख भ्रमण के कई फोटो और वीडियो साझा किये हैं. तस्वीरों में वे बर्फ से ढकी पर्वतीय वादियों और आल्प्स की चोटियों के बीच दिखाई दे रहे हैं.
समुद्र तल से 3,454 मीटर ऊपर, क्यों खास है जंगफ्राउजोख?
जंगफ्राउजोख को ‘Top of Europe’ के नाम से भी जाना जाता है. विधायक गागराई ने अपने पोस्ट में बताया कि समुद्र तल से करीब 3,454 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह स्टेशन यूरोप के सबसे ऊंचे रेलवे स्टेशनों में शुमार है. चारों ओर फैली बर्फीली चोटियां और आल्प्स का विहंगम दृश्य इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा.
गागराई ने लिखा कि स्विट्जरलैंड की खूबसूरत वादियों में जंगफ्राउजोख का भ्रमण खास अनुभव रहा. बर्फ से ढके आल्प्स पर्वत, नीला आसमान और प्रकृति के मनमोहक नजारे स्विट्जरलैंड की खूबसूरती का बेहतरीन नमूना हैं.
सम्मेलन के साथ प्राकृतिक विरासत को जानने का भी मौका
जंगफ्राउजोख पहुंचकर विधायक गागराई ने आसपास की बर्फीली पर्वत चोटियों और प्राकृतिक दृश्यों को करीब से देखा. उनके भ्रमण की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद खरसावां में भी लोगों की नजरें उनकी स्विट्जरलैंड यात्रा पर बनी हुई हैं.
राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने के साथ प्रतिनिधिमंडल को स्विट्जरलैंड की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत को समझने का भी अवसर मिल रहा है. विधायक गागराई द्वारा साझा की गयी तस्वीरों में आल्प्स की बर्फीली दुनिया की झलक देखने को मिल रही है, जो उनकी विदेश यात्रा के राजनीतिक कार्यक्रम से इतर एक अलग अनुभव को सामने लाती है.
