खरसावां: सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड की रूगुडीह पंचायत के धुनाडीह स्थित प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है. वर्षों पुराने विद्यालय भवन की स्थिति खराब हो चुकी है. यहां पढ़ने वाले करीब 70 बच्चे डर के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और भवन के जर्जर हिस्सों के कारण कई बार बच्चों को तिरपाल के सहारे या खुले स्थान पर पढ़ाना पड़ता है.
विद्यालय की स्थिति को लेकर ग्राम प्रधान प्रदीप मुंडा की अध्यक्षता में ग्रामीणों और अभिभावकों की बैठक हुई. बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल की दीवारों में जगह-जगह बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं. छत समेत भवन के कई हिस्से भी जर्जर हो चुके हैं. बारिश के दिनों में कक्षाओं में पानी आने से बच्चों को परेशानी होती है. ऐसे में अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं.
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं बदली स्थिति
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है. इस संबंध में लिखित आवेदन भी दिया गया, लेकिन अब तक नया भवन बनाने या सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
ग्रामीणों ने विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय स्कूल की स्थिति पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए. अभिभावकों का कहना है कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित स्कूल उपलब्ध कराने की बात करती है, लेकिन धुनाडीह विद्यालय में बच्चे असुरक्षित भवन में पढ़ने को मजबूर हैं. बच्चों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता.
15 दिन का अल्टीमेटम
बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से शिक्षा विभाग को 15 दिनों का अल्टीमेटम देने का निर्णय लिया. ग्रामीणों ने कहा कि इस अवधि में नया विद्यालय भवन बनाने या सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्कूल में ताला जड़ देंगे और अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे. इसके साथ ही आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गयी है.
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई बाधित करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल में शिक्षा दिलाना है. उन्होंने कहा कि यदि जर्जर भवन के कारण कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी.
1971 में हुई थी स्कूल की स्थापना
प्राथमिक विद्यालय धुनाडीह की स्थापना वर्ष 1971 में हुई थी. यहां कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है और वर्तमान में करीब 70 विद्यार्थी नामांकित हैं. पांच दशक से अधिक पुराने भवन की मरम्मत और रखरखाव की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी है.
बैठक में ग्राम प्रधान प्रदीप मुंडा, वार्ड सदस्य सरवाला मुंडा, शिक्षक जगमोहन जामुदा, मधुसूदन मुंडा, इंद्रजीत मुंडा, हरिश्चंद्र नाग, गुरुचरण मुंडा, सुखलाल मुंडा, सुकुर मुंडा, दिगी मुंडा, आसामनी मुंडा, सुकरा लोहार, जितेंद्र मुंडा, बलदेव मुंडा, इंद्रदेव मुंडा, राम सिंह मुंडा, गुरुदयाल मुंडा समेत काफी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक उपस्थित थे.
