सरायकेला खरसावां से शचिंद्र दाश की रिपोर्ट
Seraikela News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां थाना क्षेत्र में हुए बाया सरदार हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या की साजिश खुद मृतक की पत्नी ने रची थी, जिसमें उसके भाई (साला) और दो अन्य लोग भी शामिल थे.
पत्नी और साला निकले मास्टरमाइंड
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ समीर सवैया ने बताया कि मृतक बाया सरदार की पत्नी सुनीता सरदार, उसके साले सोमा मुंडा और तमाड़ थाना क्षेत्र के दो अन्य आरोपियों ने मिलकर हत्या को अंजाम दिया. जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सुनीता सरदार अपने पति की प्रताड़ना से परेशान थी और इसी कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया.
कैसे रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से बाया सरदार की गला काटकर हत्या कर दी. घटना के बाद शव को कंबल से ढंक दिया गया, जिससे शुरुआत में पुलिस को शक हुआ कि इसमें किसी करीबी का हाथ है. तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश किया.
घटना की पूरी पृष्ठभूमि
यह घटना 2 मई की रात खरसावां थाना क्षेत्र के कांटाडीह गांव में हुई थी. 41 वर्षीय बाया सरदार की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस मामले में मृतक के भाई सुखराम सरदार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Nidhi Dwivedi ने एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया, जिसने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया.
गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों में सुनीता सरदार, सोमा मुंडा, वीर सिंह मुंडा और बिरा मुंडा को गिरफ्तार किया है. इनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून लगा फरसा, एक स्कूटी (होंडा कंपनी) और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
सोमा मुंडा का आपराधिक इतिहास
एसडीपीओ के अनुसार, सोमा मुंडा का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. उसके खिलाफ 2019 में कुचाई थाना में आर्म्स एक्ट, यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है. इससे यह स्पष्ट होता है कि हत्या की साजिश में शामिल लोग पहले से अपराध की दुनिया से जुड़े रहे हैं.
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में पुलिस टीम की अहम भूमिका रही. टीम में एसडीपीओ समीर सवैया, इंस्पेक्टर संजय प्रसाद, खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार समेत कई अधिकारी और तकनीकी शाखा शामिल थे. उनकी समन्वित कार्रवाई और तेज जांच के कारण ही इतने कम समय में इस जघन्य हत्या का खुलासा संभव हो पाया.
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घरेलू विवाद बना हत्या की वजह
इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित किया है कि घरेलू विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं. पुलिस की तत्परता से मामला जल्द सुलझ गया, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि पारिवारिक तनाव को समय रहते सुलझाना बेहद जरूरी है, अन्यथा इसके परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं.
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