राजनगर.
सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड स्थित पोटका पंचायत के कासिदा डैम पिकनिक मनाने वालों के लिए स्वर्ग है. डैम के आसपास की प्राकृतिक खूबसूरती लोगों को आकर्षित करती है. यह स्थल मनोरम पहाड़, शांत वातावरण, शिव मंदिर और डैम पर पक्षियों की मधुर चहचहाहट लोगों को बरबस अपनी ओर खींचता है. यहां सैलानियों व स्थानीय लोग पहुंचते हैं. वहीं नये साल पर पिकनिक मनाने वालों की भीड़ रहती है.शिव मंदिर में पूजा करना नहीं भूलते लोग
कासिदा डैम के चारों ओर फैली हरियाली और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ के कारण खूबसूरती और बढ़ जाती है. सुबह व शाम डैम के ऊपर उड़ते पक्षी और उनकी चहचहाहट पर्यटकों को एक अलग सुकून देती है. डैम के समीप स्थित शिव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है. यहां पिकनिक मनाने आने वाले लोग पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना करते हैं. प्रकृति और आस्था का संगम कासिदा डैम को खास पहचान देता है.युवाओं के लिए पसंदीदा बना स्थल
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कासिदा डैम की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. राजनगर, सरायकेला, जमशेदपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंचते हैं. खासकर युवाओं और परिवार के लिए यह स्थल काफी पसंदीदा बन गया है. नये साल और क्रिसमस के दौरान यहां सुबह से लोगों का आना-जाना शुरू हो जाता है.
पार्किंग, शौचालय, पेयजल और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था जरूरी
हालांकि, भीड़ के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं. पिकनिक के बाद कई लोग प्लास्टिक कचरा और अन्य अपशिष्ट छोड़ देते हैं. इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है. स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां साफ-सफाई, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की जाये. यदि पार्किंग, शौचालय, पेयजल और कचरा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था हो, तो यह स्थल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है.
सरकार ने डैम को पर्यटन स्थल घोषित किया है
सरकार ने कासिदा डैम को पर्यटन स्थल घोषित किया है. पर्यटन स्थल पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद और लोगों की भीड़ उमड़ पड़ेंगे. नये साल के जश्न में यहां उमड़ने वाली भीड़ इसका प्रमाण हैं कि लोग अब प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने को प्राथमिकता दे रहे हैं. कासिदा डैम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत माहौल और धार्मिक महत्व के कारण क्षेत्र का प्रमुख पिकनिक स्पॉट बन चुका है.कैसे जायें कासिदा डैम
हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग ( एनएच 220) पर रघुनाथपुर से पोखरिया गांव होते हुए कच्चा रास्ता लगभग तीन किलोमीटर पहाड़ पार करने पर कासिदा डैम मिलता है. कुमढ़ासोल ( कोरोजना होटल से) पहाड़ के किनारे कच्चा रास्ता से लगभग दो किलोमीटर दूर में कासिदा डैम है. भुरकुली गांव होते हुए कासिदा गांव तक पक्का रास्ता जाने के बाद लगभग दो किलोमीटर दूर डैम है.
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