Jharkhand Politics: चंपाई सोरेन के इस्तीफा के बाद, JMM को लगा एक और तगड़ा झटका

चंपाई सोरेन के झामुमो से इस्तीफा देने के बाद सरायकेला-खरसावां से जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने भी पार्टी से किनारा कर लिया है.

Jharkhand Politics : चंपाई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने की घोषणा करने के बाद झामुमो सरायकेला में एक और तगड़ा झटका लगा है. सरायकेला-खरसावां जिला परिषद अध्यक्ष  सह पार्टी के हेबी वेट नेता सोनाराम बोदरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.

शुक्रवार को चंपाई सोरेन के साथ होंगे शामिल

चंपाई सोरेन के झामुमो से इस्तीफा देने के बाद पार्टी उबर नहीं पाई थी कि अब सरायकेला-खरसावां के जिला परिषद सोनाराम बोदरा ने भी घोषणा कर दी है कि वह अपने समर्थकों के साथ झामुमो छोड़ कर बीजेपी में शामिल होंगे. उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र झामुमो के सरायकेला-खरसावां जिलाध्यक्ष डॉ शिवेंदु महतो को भेज दिया है. जिप अध्यक्ष सोनाराम बोदरा अपने राजनीतिक गुरु चंपाई सोरेन के साथ शुक्रवार को रांची में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी में शामिल होंगे.

बोदरा क्यों छोड़ रहे हैं झामुमो ?

जिप अध्यक्ष सोनाराम बोदरा जिला झामुमो के तेज तर्रार नेता के रूप में गिनती होती है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 से वे राजनीति से जुड़े हैं. इस राजनीति की पाठशाला की पढ़ाई वे चंपाई सोरेन की अंगुली पकड़ कर पढ़े हैं. ऐसे में जब चंपाई सोरेन झामुमो को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं तो वे भी अपने गुरु के साथ बीजेपी में शामिल हो जाएंगे. चंपाई सोरेन के साथ बीजेपी में शामिल हो कर क्षेत्र के विकास व राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएंगे. सोनाराम बोदरा सरायकेला झामुमो प्रखंड अध्यक्ष पद पर लंबे समय से रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्र में इनकी काफी पकड़ बतायी जाती है. बोदरा के जाने से जिले में झामुमो को नुकसान हो सकता है.

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लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

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