सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट
नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव अविनाश कुमार से शिष्टाचार मुलाकात कर सरायकेला के समग्र विकास, प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, पेयजल और बिजली व्यवस्था में सुधार और विश्वविख्यात सरायकेला छऊ कला के संरक्षण और पुनर्जीवन से संबंधित अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए मांग पत्र सौंपा.
दूर क्षेत्र में कार्यालय बनने से बढ़ेगी लोगों की परेशानी
नगर पंचायत अध्यक्ष ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि वर्ष 2001 में जिला गठन के बावजूद आज तक सरायकेला-खरसावां पूर्ण विकसित जिला मुख्यालय का स्वरूप प्राप्त नहीं कर सका है. अधिकांश जिला स्तरीय कार्यालय अब भी पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने विशेष रूप से प्रस्तावित सिविल कोर्ट, उपायुक्त कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, उप विकास आयुक्त कार्यालय सहित अन्य जिला स्तरीय कार्यालयों के निर्माण को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में चयनित स्थल शहर से काफी दूर, एकांत एवं जंगलनुमा क्षेत्र में स्थित है, जो सुरक्षा, सुविधा और प्रशासनिक दृष्टि से उपयुक्त नहीं लगता है. उन्होंने कहा कि न्यायालय एवं प्रशासनिक कार्यालयों का शहर से दूर स्थापित होना ग्रामीण और गरीब वर्ग सहित आम नागरिकों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक एवं शारीरिक बोझ का कारण बनेगा. साथ ही ऐसे संवेदनशील संस्थानों का एकांत क्षेत्र में होना भविष्य में सुरक्षा संबंधी जोखिम भी उत्पन्न कर सकता है.
स्वर्णरेखा कॉलोनी में कार्यालय निर्माण का सुझाव
नगर पंचायत अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि सरायकेला सदर अस्पताल के सामने स्थित अनूपयोगी स्वर्णरेखा कॉलोनी में उपलब्ध लगभग 14 एकड़ भूमि पर सिविल कोर्ट एवं सभी जिला स्तरीय कार्यालयों का निर्माण किया जाए. उन्होंने बताया कि यह स्थल भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से उपयुक्त है. यहां सड़क, बिजली, जलापूर्ति, चिकित्सा, बैंकिंग एवं यातायात जैसी आवश्यक सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं. इससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त आधारभूत संरचना निर्माण का आर्थिक बोझ भी कम होगा. उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में लगभग 4000 परिवार सरायकेला नगर में निवास करते हैं, जिनमें से करीब 500 परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष रूप से सिविल कोर्ट से जुड़ी हुई है. अगर न्यायालय को दूर क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाता है, तो इन परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक परेशानी खड़ी हो जाएगी. वहीं अगर जिला स्तरीय सभी कार्यालय शहर के मध्य अथवा निकट स्थापित किए जाते हैं, तो व्यापार, परिवहन, होटल, दस्तावेजी कार्य और अन्य सेवाओं से जुड़े स्थानीय रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और सरायकेला को एक सशक्त एवं व्यवस्थित जिला मुख्यालय के रूप में नई पहचान मिलेगी.
छऊ कला के संरक्षण और कलाकारों के हित में उठाई आवाज
मुलाकात के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष ने विश्वविख्यात और यूनेस्को से मान्यता प्राप्त सरायकेला छऊ नृत्य कला की वर्तमान स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पुनर्जीवन, रिक्त पदों पर नियुक्ति, प्रशिक्षकों की बहाली, कलाकारों के लिए सम्मानजनक सुविधाएं, बहुउद्देशीय कला भवन निर्माण एवं कलाकार पेंशन योजना लागू करने की मांग रखी. उन्होंने कहा कि सरायकेला की छऊ कला केवल सांस्कृतिक धरोहर नहीं, बल्कि पूरे झारखंड एवं देश की गौरवशाली पहचान है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए ठोस और दीर्घकालिक पहल जरूरी है.
पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी जोर
मुख्य सचिव को सौंपे गए मांग पत्र में नगर पंचायत क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता वृद्धि, नए पावर ग्रिड निर्माण, आरडीएसएस योजना के कार्यों में तेजी, शहर की प्रमुख सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत, हाईमास्ट लाइट स्थापना, नाली और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, नगर क्षेत्र के मास्टर प्लान एवं डीपीआर तैयार करने, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तथा युवाओं एवं आम जनता के हित में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की मांग भी प्रमुखता से शामिल रही. नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन वर्षों तक यहां की मूलभूत आवश्यकताओं की उपेक्षा होती रही. अब समय आ गया है कि योजनाबद्ध तरीके से सरायकेला को विकसित कर जनता को बेहतर प्रशासनिक, न्यायिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली एवं नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार एवं मुख्य सचिव स्तर से सकारात्मक पहल होने पर सरायकेला के विकास को नई गति मिलेगी. अंत में उन्होंने कहा कि नगर पंचायत सरायकेला जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं शहर के समग्र विकास को लेकर लगातार प्रयासरत है और आगे भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाता रहेगा.
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