सरायकेला से शचींद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत कुकड़ू प्रखंड के हेसालोंग गांव की निवासी गंगामनी महतो ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है. “यमुना आजीविका सखी मंडल” से जुड़ने के बाद उन्होंने अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हुए न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि आज वे अपने गांव और आसपास की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं.
किसानी और मजदूरी पर निर्भर था परिवार
साल 2020 में गठित स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनका परिवार मुख्य रूप से किसानी और मजदूरी पर निर्भर था. सीमित आमदनी के कारण परिवार की डेली जरूरतों को पूरा करना, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. समूह से जुड़ने के बाद नियमित बचत, सामूहिक बैठक और आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास और आर्थिक समझ विकसित हुई.
समूह से मिला आर्थिक सशक्तिकरण का आधार
समूह के सुचारू संचालन और ग्राम संगठन के सहयोग से उन्हें CIF मद से ₹50,000 का कर्ज मिला. मिली राशि और स्वयं की पूंजी निवेश कर उन्होंने मनिहारी और जूता-चप्पल की दुकान की शुरुआत की. वर्तमान में उनके द्वारा चलाए जा रहे बिजनेस से हर साल लगभग ₹1,20,000 की आय हो रही है. इसके अलावा किसानी से भी परिवार को एक्स्ट्रा इनकम मिल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा काफी बेहतर हुई है.
सरकारी योजनाओं से मिला अतिरिक्त सहारा
झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से मिला लाभ भी उनके परिवार के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में मददगार साबित हो रहा है. वर्तमान में वे अपने बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और सामाजिक दायित्वों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं.
अन्य महिलाओं से अपील
गंगामनी महतो ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है. स्वयं सहायता समूह के माध्यम से मिले सहयोग से उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया, जिससे आज उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है. उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा ग्रामीण महिलाओं से अपील की गई है कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक फायदा उठाते हुए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें. स्वयं सहायता समूह महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है, जो ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
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