चांडिल.
नीमडीह प्रखंड के ओड़िया गांव के हरिमंदिर में रविवार को चांडिल डैम के विस्थापितों ने बैठक की. इसमें जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष तरुण महतो शामिल हुए. विस्थापितों ने बताया कि 1984-85 में चांडिल डैम परियोजना के लिए 84 मौजा की जमीन अधिग्रहित की गयी थी. उस समय ग्रामीणों को बड़े-बड़े आश्वासन दिये गये थे, लेकिन 40 साल बाद भी विस्थापितों को उनका हक नहीं मिला. न तो सरकारी लाभ मिला, न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कदम उठाया. तरुण महतो ने कहा कि विस्थापितों के हक के लिए अब आंदोलन होगा. बैठक में फूलचंद महतो, चेतन महतो, चिरंजीत महतो, रिंकू महतो, नकुल महतो, मधु महतो, सनत महतो, संतोष, सुधीर, लील पदो कुम्हार, कर्मू कुम्हार, कालू कुम्हार, अशोक नापित, अनाथ गोराई, अंबुज कुम्हार, गोविंदा दे, मनसा गोराई, स्वरूप गंगुली, शर्मा प्रामाणिक, बबलू प्रामाणिक आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
