खरसावां.
खरसावां के रिडिंग गांव के कुंडियासाई टोला में गुरुवार सुबह डायरिया से माकी हेंब्रम (66) की मौत हो गयी. माकी की मौत के बाद तीन दिनों में मृतकों की संख्या दो हो गयी. ग्रामीणों के अनुसार सुबह तीन बजे माकी को बुखार व उल्टी के साथ दस्त शुरू हो गया. इसके बाद गांव में मौजूद मेडिकल टीम ने उपचार शुरू किया. सुबह करीब 7.30 बजे माकी ने दम तोड़ दिया. ज्ञात हो कि मंगलवार को डायरिया से अमर सिंह सिजुई (10) की मौत हो गयी थी. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में डायरिया से नौ लोग पीड़ित हैं. इन्हें एमजीएम जमशेदपुर व सदर अस्पताल सरायकेला में भर्ती कराया गया है. ग्रामीणों में आवश्यक दवा का वितरण किया गया है.कुंडियासाई पहुंच कर डीसी ने स्थिति का जायजा लिया
डायरिया से दो लोगों की मौत के बाद उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने गुरुवार को रिडिंग के कुंडियासाई टोला पहुंचे. उन्होंने पूरे गांव का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया. मौके पर सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह को आवश्यक दिशा निर्देश दिया. इधर डीसी के निर्देश पर गांव में एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम को तैनात कर दिया गया है. एंबुलेंस व मेडिकल टीम 24 घंटे गांव में तैनात रहेगी. गांव के सभी घरों में जाकर जांच की जा रही है. वहीं, गांव में स्वच्छ पानी की व्यवस्था की गयी है. मौके पर बीडीओ प्रधान माझी, सीओ कप्तान सिंकु, डीपीआरओ अविनाश कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विरांगना सिंकु, अभियंता अश्विनी सरदार आदि मौजूद रहे.जलमीनार लगाने वाली एजेंसी पर डीसी ने प्राथमिकी दर्ज करने का दिया निर्देश
उपायुक्त नितिश कुमार ने उक्त कुआं का जायजा लिया. इसके पानी पीने से गांव में डायरिया फैला. उन्होंने कुएं के पानी पीने पर रोक लगा दिया है. लंबे समय से खराब पड़ी जलापूर्ति योजना को लेकर पीएचइडी विभाग पर नाराजगी व्यक्त की. ग्रामीणों ने बताया कि सोलर संचालित जलापूर्ति योजना खराब रहने से लोग पुराने कुएं का पानी पीने को विवश है. ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति दुरुस्त करने की शिकायत के बाद भी कोई पहल नहीं हुई. इस पर डीसी ने जलापूर्ति योजना का अधिष्ठापन करने वाली एजेंसी पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अधिकांश शौचालय बेकार पड़े है.
पीएचडी के अभियंताओं पर भी कार्रवाई हो
मनोज चौधरीसरायकेला. सरायकेला नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने खरसावां प्रखंड के कुंडियासाही गांव में डायरिया से दो लोगों की मौत पर शोक जताया है. स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा नहीं होने के कारण डायरिया फैलना चिंताजनक है. कहा कि उपायुक्त ने प्रभावित गांव का दौरा कर प्रभावित परिवारों को समुचित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, जो प्रशंसनीय है. डायरिया के लिए जिम्मेवार सिर्फ संवेदक ही नहीं पीएचडी के अभियंता भी हैं. उनपर भी कड़ी कार्रवाई की जाये.
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