मॉडल स्कूल के लिये जमीन चयनित

उदालखाम में पांच एकड़ जमीन पर स्कूल खोलने का प्रस्ताव पारित खरसावां : मॉडल स्कूल के लिये खरसावां अंचल कार्यालय की ओर से उदालखाम मौजा में पांच एकड़ जमीन का चयन कर लिया गया है. अंचल अधिकारी मां देव प्रिया ने बताया कि स्कूल के लिये चयनित जमीन की रिपोर्ट खरसावां अंचल कार्यालय से डीसीएलआर […]

उदालखाम में पांच एकड़ जमीन पर स्कूल खोलने का प्रस्ताव पारित

खरसावां : मॉडल स्कूल के लिये खरसावां अंचल कार्यालय की ओर से उदालखाम मौजा में पांच एकड़ जमीन का चयन कर लिया गया है. अंचल अधिकारी मां देव प्रिया ने बताया कि स्कूल के लिये चयनित जमीन की रिपोर्ट खरसावां अंचल कार्यालय से डीसीएलआर के पास भेज दी गयी है.

उन्होंने बताया कि मॉडल स्कूल निर्माण को लेकर गांव में आयोजित ग्राम सभा में सर्वसम्मति से लोगों ने स्कूल निर्माण के लिये जमीन उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव पारित किया.

राधेश्याम दास की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा में उदालखाम के थाना संख्या 81, खाता संख्या 138, प्लाट संख्या 418(ए) की पांच एकड़ जमीन पर ग्राम सभा ने स्कूल निर्माण को मंजूरी दे दी है. ग्राम सभा में ग्रामीणों की ओर से स्कूल खुलने पर हर तरह से सहयोग करने की बात कही गयी है.

बैठक में अंचल कार्यालय की ओर से प्रभारी अंचल निरीक्षक कृष्णा सोय समेत गांव के 37 लोग उपस्थित थे.

गोंदपुर में संचालित हो रहा है स्कूल: फिलहाल खरसावां का मॉडल स्कूल गोंदपुर के एक स्कूल भवन में संचालित हो रही है. उदालखाम में भवन बनने के बाद स्कूल को यहां स्थानांतरित किया जायेगा. मॉडल स्कूल में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई हो रही है, जिसमें कक्षा छह में 18 छात्र व कक्षा सात में 25 छात्र पढ़ाई कर रहे है, जबकि स्कूल में तीन शिक्षकों की पदस्थापना की गयी है.

जमीन पर बैठने को मजबूर है छात्र: खरसावां मॉडल स्कूल के छात्र जमीन पर बैठ कर पढ़ने को मजबूर है. स्कूल के छात्र छात्राओं को सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं मिल रही है. स्कूल के छात्रों को इस वर्ष ड्रेस तक नहीं मिला है. छात्रों को चालू सेशन की किताब एक सप्ताह पूर्व ही मिली है. ऐसे में छात्र कैसे परीक्षा की तैयारी करेंगे, इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है.

मिड डे मिल भी गोंदपुर स्कूल में बना कर परोसा जा रहा है. स्कूल में पढ़ने वालों में छात्रों में कई ऐसे भी है, जो 15 से 20 किमी की दूरी तय कर स्कूल आते है. उदालखाम में स्कूल भवन का नया कैंपस बन जाने से छात्रों को रहने व पठन पाठन करने में सहूलियत होगी.

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