तीन स्कूलों में उर्दू की तालिम के लिए नहीं हैं कोई शिक्षक

खरसावां : खरसावां प्रखंड में उर्दू शिक्षकों की भारी कमी है. प्रखंड के सात विद्यालयों में बच्चे मातृभाषा के रुप में उर्दू से पठन पाठन कर रहे है, परंतु सभी स्कूलों के उर्दू के शिक्षक नहीं है. ऐसे में इन छात्रों को उर्दू के पठन पाठन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. प्रखंड […]

खरसावां : खरसावां प्रखंड में उर्दू शिक्षकों की भारी कमी है. प्रखंड के सात विद्यालयों में बच्चे मातृभाषा के रुप में उर्दू से पठन पाठन कर रहे है, परंतु सभी स्कूलों के उर्दू के शिक्षक नहीं है.

ऐसे में इन छात्रों को उर्दू के पठन पाठन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. प्रखंड में 626 अल्पसंख्यक बच्चों को मात्र पांच शिक्षक उर्दू की तालिम दे रहे है. बीएमसी कमतब आमदा में 18 विद्यार्थी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बीएमसी कदमडीहा में 128 विद्यार्थी व उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोंदपुर में 47 विद्यार्थी अध्ययनरत है.

परंतु इन तीनों ही विद्यालयों में उर्दू के एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि इन विद्यालयों में उर्दू की पढ़ाई के लिये सरकारी स्तर पर उर्दू शिक्षक के पद सृजित किये गये है. इसी तरह बीएमसी मकतब गोंदपुर में 42 छात्रों पर एक शिक्षक, आदर्श मध्य विद्यालय खरसावां के 36 छात्रों पर एक शिक्षक, उत्क्रमित मध्य विद्यालय कदमडीहा के 256 छात्रों पर दो शिक्षक व नव प्राथमिक विद्यालय कदमडीहा के 104 छात्रों पर एक शिक्षक की पदस्थापना की गयी है.

इन विद्यालयों में भाषाई शिक्षकों की कमी पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी वैद्यनाथ प्रधान ने बताया कि पूरे स्थिति से विभाग को अवगत करा दिया गया है. शिक्षकों के नियुक्ति के बाद ही इस कमी को दूर किया जा सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >