पाइप लाइन से जलापूर्ति अब भी नहीं हो रही

खरसावां : खरसावां के सिमला में पाइप लाइन से घरों तक जलापूर्ति का सपना सात साल बाद भी अधूरा ही रह गया है. गांव की स्वजल धारा योजना भी सिर्फ ठेकेदारी तक ही सीमित रह गयी. 2006 में स्वजल धारा योजना के तहत गांव में 128 डीप बोरिंग कर तीन एचपी क्षमता वाले पंप लगा […]

खरसावां : खरसावां के सिमला में पाइप लाइन से घरों तक जलापूर्ति का सपना सात साल बाद भी अधूरा ही रह गया है. गांव की स्वजल धारा योजना भी सिर्फ ठेकेदारी तक ही सीमित रह गयी.

2006 में स्वजल धारा योजना के तहत गांव में 128 डीप बोरिंग कर तीन एचपी क्षमता वाले पंप लगा लगाया था तथा गांव में करीब एक माह तक जलापूर्ति की गयी थी. गांव में स्वजल धारा समिति का गठन कर पूरे गांव में पाइप लाइन बैठा कर एक माह तक जलापूर्ति भी शुरू की गयी थी. उद्घाटन के एक माह बाद ही पंप सेट में खराबी आ गयी, फिर इसकी मरम्मत नहीं हो सकी और गांव में जलापूर्ति बंद हो गयी. इसके बाद कभी शुरू नहीं हो सकी. आठ साल से बंद इस पंप सेट के कल-पुज्रे भी अब सड़ने के कगार पर हैं. 1350 आबादी वाले इस गांव में पेयजल की काफी किल्लत है. गांव के पांच तालाब सुख चुके है, जबकि दो तालाब सूखने के कगार पर है.

अधिकांश चापाकल भी खराब पड़े हुए है. जिससे गांव के लोग पेयजल की समस्या से हर दिन जूझने को मजबूर है. गांव के अधिकांश चापाकलों में पीने योग्य पानी नहीं मिल रहा है. ऐसे में करीब चार सौ परिवार वाले इस गांव के लोगों को हर दिन पानी की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है. चापाकलों पर पानी लेने के लिये महिलाओं की लंबी कतार अक्सर देखने को मिलती है. ऐसे में पुन इस स्वजल धारा योजना को चालू करने से गांव के पेयजल की समस्या दूर हो सकती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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