प्रखंड मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दक्षिण स्थित मोहनपुर पंचायत में भीषण पेयजल संकट है. गर्मी बढ़ने के साथ ही गांव के डांगां क्षेत्रों यानी ऊंचाई वाले इलाकों में चापानलों और कुओं का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है. गांव के लोग अभी से आनेवाले दिनों को लेकर चिंता जता रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए पेयजल विभाग और जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत चापानल, जलमीनार और कुओं का निर्माण कराया जाता है, लेकिन हर साल गर्मी में पानी की समस्या फिर सामने आ जाती है. मोहनपुर गांव में भी जल जीवन मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से जलमीनार का निर्माण कराया गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उससे पानी की आपूर्ति बंद है. ग्रामीण राधेश्याम साहा, राजू मंडल, पिंटू साहा, कृष्णा साहा, तपन बागती, फूलकुमारी देवी, आनंद कुमार, दुलु बागती, शक्ति देवी और अजित साहा ने बताया कि जलमीनार के पास स्थित बड़ा कुआं सूख चुका है. चापानल भी जलस्तर नीचे चले जाने के कारण बेकार हो गया है. गांव में केवल एक चापानल और एक जलमीनार चालू है, जिससे पूरे गांव की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है. ग्रामीणों को मजबूर होकर दूसरे गांव से पानी लाना पड़ रहा है. लोगों ने प्रशासन से समाधान की मांग की है.
क्या कहते हैं बीडीओ
विभागीय कर्मियों द्वारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी. साथ ही ऊपरी विभिन्न पंचायत क्षेत्रों में पेयजल की समस्या सामने आ रही है. जल्द इसका समाधान पर कार्रवाई की जायेगी.
जयंत कुमार तिवारी, बीडीओ सह सीओ, उधवा