गोली मारकर की गयी थी सीताराम हेंब्रम की हत्या, तीन गिरफ्तार

बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने कांड का उद्भेदन किया.

बरहरवा. बरहरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत छोटा उदाली में 8 मई को सीताराम हेंब्रम (पिता सफल हेंब्रम) की गोली मारकर हुई हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. मंगलवार को बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने कांड का उद्भेदन किया. उन्होंने बताया कि 8 मई की रात करीब 1:30 बजे सूचना मिली थी कि बड़ा उदाली बरहेट निवासी जेठा हेंब्रम ने अपने ही चचेरे भाई सीताराम हेंब्रम की गोली मारकर हत्या कर दी है. इस मामले में बरहेट थाने में कांड संख्या 60/2026 दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गयी, जिसमें बोरियो इंस्पेक्टर नुनुदेव राय, बरहेट थाना प्रभारी चंदन कुमार भैया समेत कई पुलिस पदाधिकारी शामिल थे. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जेठा हेंब्रम को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ में पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ. एसडीपीओ ने बताया कि मृतक और आरोपी के बीच पिछले 6 से 7 वर्षों से जमीन विवाद चल रहा था. करीब 14 बीघा पुश्तैनी जमीन को लेकर दोनों के बीच तनाव था. इसी विवाद में जेठा हेंब्रम ने हत्या की साजिश रची और अपने साथियों के साथ मिलकर सुपारी किलिंग की योजना बनायी.

शूटर से एक लाख में हुआ था सौदा, 40 हजार लिये थे एडवांस

जांच में सामने आया कि जेठा ने जेल से छूटे बेटका टुडू से संपर्क किया, जिसने आगे झारखंडी दादा उर्फ ताला मरांडी से संपर्क कराया. इसके बाद एक लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय हुई और एडवांस में 40 हजार रुपये दिये गये. सात मई की रात सीताराम हेंब्रम को शराब मांगने के बहाने घर से बाहर बुलाकर कनपटी में गोली मार दी गयी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. एसडीपीओ ने बताया कि सभी आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास भी है. छापेमारी दल में कई पुलिस पदाधिकारी शामिल थे.

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Published by: Rakesh kumar

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