Sahibganj: उत्तरवाहिनी गंगा तट पर राजकीय माघी पूर्णिमा मेला, सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र है राजमहल

Sahibganj (राजमहल): राजमहल में ऐतिहासिक माघ पूर्णिमा मेला का उद्घाटन किया गया. यह राजकीय मेला है और उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर लगता है.

दीप सिंह
Sahibganj (राजमहल): झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक राजमहल के उत्तर वाहिनी गंगा तट पर लगने वाला आदिवासी महाकुंभ राजकीय माघी पूर्णिमा मेला का शुभारंभ साहिबगंज उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह और आदिवासी धर्मगुरु अभिराम मरांडी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया. इससे पहले उपायुक्त हेमंत सती ने गंगा पूजन किया, पुरोहित दिलीप कुमार पांडे ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ राजकीय माघी की पूर्णिमा मेला के उद्घाटन के लिए मां गंगा की पूजा कराई. राजमहल की पावन उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर आयोजित इस मेले में न केवल झारखंड बल्कि असम, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु और आदिवासी समुदाय के लोग पहुंचे हैं.

कई राज्यों से जुटे श्रद्धालु

मेले को संबोधित करते हुए साहिबगंज के उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि राजमहल और साहिबगंज के निवासियों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे इस पावन मिट्टी पर निवास करते हैं, जहां उत्तरवाहिनी गंगा बहती है. उन्होंने इस स्थान की तुलना प्रयागराज (इलाहाबाद) के संगम से करते हुए कहा कि राजमहल की उत्तरवाहिनी गंगा का महत्व और पवित्रता किसी भी मायने में कम नहीं है. उपायुक्त ने विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि दूर-दराज के प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालु यहां गंगा पूजन करते हैं और यहां का पवित्र जल अपने धार्मिक स्थलों (जैसे मांझी स्थान – जाहिर स्थान) पर अर्पण करते हैं, जो हमारी समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है. उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी.

स्वच्छता और प्रकाश पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था और पर्याप्त रोशनी के लिए लाइट्स लगवाई गई है. शाम के समय विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिसमें आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी. बेहतर विधि-व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेट्स और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 20 पुलिस पोस्ट- एसपी

मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर साहिबगंज के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है. उन्होंने बताया कि कई गश्ती दल रात के समय सुनसान और संवेदनशील इलाकों में बाइक पेट्रोलिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं. पुलिस चौकियां पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा की निगरानी के लिए 20 विशेष पुलिस पोस्ट स्थापित किए गए है. वाहनों के आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट को तैनात किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. एसपी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पूरे उत्साह और शांति के साथ मेले का आनंद लें और प्रशासन का सहयोग करें.

आदिवासी महाकुंभ के रूप में भी है पहचान

राजकीय माघी पूर्णिमा मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह आदिवासी महाकुंभ के रूप में भी जाना जाता है. यहां विभिन्न राज्यों से आने वाले आदिवासी भाई-बहन अपनी पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ-साथ अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन भी करते हैं. जिला प्रशासन की ओर से गुरु बाबाओ को अंग वस्त्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. मौके पर एसी गौतम कुमार भगत, अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो, आईटीडीए निदेशक संजय कुमार दास, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विमलेश कुमार त्रिपाठी, राजमहल पुलिस इंस्पेक्टर राजीव रंजन, राजमहल सीओ मो युसूफ, राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी, तीनपहाड़ थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार पांडे सहित अन्य मौजूद थे.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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