राजमहल. राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा गंगा नदी के बेसिन में जलीय जीवों के समुदाय आधारित संरक्षण एवं पारिस्थितिकी सेवाओं के रखरखाव के लिए नियोजन एवं प्रबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. राजमहल प्रखंड स्थित मोकीमपुर पंचायत भवन में जलीय जैवविविधता एवं डॉल्फिन संरक्षण में मछुआरों की सहभागिता विषय पर जागरुकता सह संवेदनशीलता प्रशिक्षण दिया गया. इसका मुख्य उद्देश्य गंगा नदी में पाई जाने वाली जलीय जैवविविधता, गंगेटिक डॉल्फिन के संरक्षण के प्रति स्थानीय मछुआरों एवं ग्रामीणों को जागरूक करना तथा संरक्षण कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था. प्रशिक्षण के दौरान मछली पकड़ने के सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल तरीकों, डॉल्फिन संरक्षण के महत्व तथा नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण पर जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण कार्यक्रम में साहिबगंज वन प्रमंडल के वन क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे, वनरक्षी पप्पू यादव एवं प्रेम कुमार, मोकीमपुर पंचायत की मुखिया सुनीता मुर्मू शामिल हुईं. भारतीय वन्यजीव संस्थान के स्टेट कॉर्डिनेटर एकता शर्मा, डॉ उतरन बंद्योपाध्याय, प्रोजेक्ट असिस्टेंट वरुण कुमार मंडल तथा फील्ड असिस्टेंट राजेश कुमार ने प्रशिक्षण सत्र का संचालन किया.
गंगा नदी में डॉल्फिन संरक्षण को लेकर दिया प्रशिक्षण
मछुआरों एवं ग्रामीणों को जागरूक करना

साहिबगंज (फाइल फोटो)