Sahibganj Road Condition, साहिबगंज (इमरान की रिपोर्ट): “कैसा लग रहा सर? थोड़ा ध्यान दिया जाए सर” यह केवल शब्द नहीं, बल्कि साहिबगंज के उन हजारों ग्रामीणों की सामूहिक पीड़ा है जो पिछले दो वर्षों से जर्जर नेशनल हाईवे-80 (NH-80) पर चलने को मजबूर हैं. शनिवार दोपहर जब उपायुक्त दीपक कुमार दुबे का अधिकारियों के साथ काफिला मदनसाही गांव के पास से गुजरा, तो स्थानीय लोगों ने अपनी व्यथा बयां करने का यह अनोखा और व्यंग्यात्मक तरीका चुना.
सड़क या ‘डोभा’? ग्रामीणों का तीखा प्रहार
एनएच-80 की स्थिति इस कदर खराब हो चुकी है कि सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे अब तालाब या “डोभा” का रूप ले चुके हैं. स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए अब इस मार्ग को “एनएच-80 डोभा” कहना शुरू कर दिया है. उपायुक्त के काफिले के गुजरते समय ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा की ओर इशारा करते हुए अधिकारियों को यह अहसास कराने की कोशिश की कि आम जनता हर दिन किस नरक से होकर गुजर रही है.
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जनप्रतिनिधियों के वादे पड़े फीके
ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय विधायक मोहम्मद ताजुद्दीन राजा ने भी विधानसभा सत्र में पुरजोर तरीके से आवाज उठाई थी. इसके बावजूद, धरातल पर अब तक निर्माण या मरम्मत का कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है. लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के तमाम आश्वासन केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रह गए हैं, जबकि बरसात में यह सड़क जानलेवा साबित होती है.
11 मई से आर-पार की जंग: अनिश्चितकालीन धरना
प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज मदनसाही और आसपास के ग्रामीणों ने अब आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. ग्रामीणों ने घोषणा की है कि 11 मई से सड़क पर ही अनिश्चितकालीन धरना कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. इस संबंध में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को संबोधित ज्ञापन सौंपा है. साथ ही, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और संबंधित थाने को भी लिखित सूचना दे दी गई है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक सड़क निर्माण का ठोस कार्य शुरू नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
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