साहिबगंज
रेलवे के नक्शे पर साहिबगंज अब एक बड़े तकनीकी केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. यहां जल्द ही इंटीग्रेटेड मेंटेनेंस डिपो का निर्माण होगा, जहां डीएमयू, मेमू और ईएमयू सहित सभी प्रकार के कोचों का मेंटेनेंस किया जाएगा. शनिवार को हावड़ा जोन के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर परमानंद शर्मा और मालदा मंडल के एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य ने झरना कॉलोनी स्थित डीएमयू मेंटेनेंस शेड का गहन निरीक्षण किया. अधिकारियों ने प्रस्तावित 368 मीटर लंबी 24 कोच पिट लाइन के निर्माण स्थल का जायजा लिया और परियोजना के हर पहलू की समीक्षा की. पीसीएमई ने बताया कि फिलहाल उपलब्ध भूमि पर 16 कोच की पिट लाइन बनाई जा सकती है, लेकिन अतिरिक्त जमीन मिलने पर 24 कोच की पूर्ण क्षमता वाली पिट लाइन का निर्माण होगा. वर्ष 2027 तक यहां मेंटेनेंस कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. निरीक्षण के दौरान ईपी ब्रेक कंट्रोलर टेस्टिंग सुविधा का शुभारंभ भी किया गया और वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया.
कर्मियों ने रखी पैदल मार्ग की मांगनिरीक्षण के दौरान कर्मियों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं. उन्होंने परिसर में बाथरूम निर्माण और झरना कॉलोनी फाटक से शेड तक पक्का पैदल मार्ग बनाने की मांग की. साथ ही परिसर में सांप निकलने की घटनाओं पर सुरक्षा की चिंता जताई. अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विकास कार्य समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. डिपो संचालन के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती और तकनीकी प्रशिक्षण की योजना भी बनाई गई है.
परियोजना से बढ़ेंगे रोजगार के अवसरइस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रेलवे संचालन में दक्षता आयेगी. मालदा मंडल और आसपास के रूट पर तकनीकी निर्भरता कम होगी. कुल मिलाकर, साहिबगंज में इंटीग्रेटेड मेंटेनेंस डिपो का निर्माण रेलवे के दीर्घकालिक निवेश और विस्तार का संकेत है, जो इसे एक महत्वपूर्ण तकनीकी हब के रूप में स्थापित करेगा.
