साहिबगंज में स्थापित होंगे 16 सोलर जलमीनार व 28 डीप बोरिंग/चापानल
24 साल से प्यासे शहर में जल संकट खत्म करने की तैयारी
साहिबगंज
गर्मी की दस्तक के साथ ही हर साल जल संकट की मार झेलने वाले साहिबगंज शहर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है. नगर परिषद क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान को लेकर अब नप ने युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. नप अध्यक्ष रामनाथ उर्फ छोटू पासवान के प्रयास से डीएमएफटी फंड से शहर के सभी 28 वार्डों में एक-एक डीप बोरिंग व चापानल लगाया जायेगा. जल संकट से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में चरणबद्ध 16 सोलर जलमीनार भी स्थापित किए जाएंगे. पहले चरण में वार्ड- 3-4 के रसूलपुर दहला, वार्ड 9-10 के एलसी रोड, वार्ड- 23 के चानन व वार्ड-22 के कबूतर खोपी इलाके को चिह्नित किया गया है. इन क्षेत्रों में जल्द ही सोलर जलमीनार लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी. दरअसल, हर वर्ष गर्मी शुरू होते ही शहर के कई मोहल्लों में पानी की भारी किल्लत हो जाता है. कई जगहों पर पुराने चापानल खराब हो चुके हैं, जबकि कई स्थानों पर पानी निकलना पूरी तरह बंद हो गया है. इससे लोगों को पेयजल के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कुछ वर्ष पहले शहर में पेयजल संकट से राहत दिलाने के उद्देश्य से 10 वाटर एटीएम लगाए गए थे, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण आज सभी वाटर एटीएम बेकार साबित हो रहे हैं. स्थिति यह है कि इनसे ना पानी मिल रहा है और ना ही आम लोगों को कोई लाभ. दूसरी ओर वर्ष 2002 में शुरू हुई शहरी जलापूर्ति योजना भी 24 साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है. झारखंड हाइकोर्ट की सख्ती के बावजूद शहरवासियों को अब तक इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे लोगों में नाराजगी भी बनी हुई है.
क्या कहते हैं नप अध्यक्ष
शहर में वर्षों से व्याप्त जल संकट को खत्म करने के लिए नगर परिषद लगातार प्रयासरत है. डीएमएफटी फंड से सभी 28 वार्डों में डीप बोरिंग व चापानल लगाने के साथ-साथ सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में 16 सोलर जलमीनार स्थापित किए जाएंगे. पहले चरण में चार स्थानों को चिह्नित किया गया है. अगले चरणों में शेष 12 सोलर जलमीनार लगाए जाएंगे, ताकि शहरवासियों को पेयजल संकट से स्थायी राहत मिल सके.
-रामनाथ उर्फ छोटू पासवान, अध्यक्ष, नप साहिबगंज