बरहरवा. जिले में उमस भरी गर्मी के कारण जहां एक तरफ लोग परेशान हैं. वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में लगातार की जा रही बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. अभी बरहरवा और पतना प्रखंड के शहरी व ग्रामीण इलाकों में निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है. पथरिया ग्रिड में 10 से 12 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है जबकि पथरिया को केवल 7 से 8 मेगावाट ही मिल रही है. वहीं सीतापहाड़, पतना और बरहेट ग्रिड को मिलाकर 22 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है. जिसके स्थान पर केवल 13 से 14 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है. बरहरवा, पतना व बरहेट के शहरी व ग्रामीण इलाकों में रोटेशन के आधार पर आपूर्ति की जा रही है. लो वोल्टेज और बिजली कटौती से लोग परेशान… उपभोक्ताओं के लिए लो वोल्टेज भी एक बड़ी समस्या है. बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता रोजाना अघोषित बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं. चौबीस घंटे में कभी मेंटनेंस के नाम पर तो कभी अन्य कारणों से तकरीबन 10 से 12 बार बिजली काटी जाती है. कहते हैं बिजली एसडीओ बिजली विभाग के सहायक विद्युत अभियंता सत्यम मरांडी ने कहा कि गर्मी में लोड बढ़ने के कारण निर्बाध विद्युत आपूर्ति में कठिनाई हो रही है. फिर भी विभाग क्षेत्र के उपभोक्ताओं को आपूर्ति के अनुरूप नियमित रूप से बिजली देने का प्रयास कर रहा है.
बरहरवा, पतना व बरहेट को रोटेशन के आधार पर मिल रही बिजली
सितापहाड़, पतना तथा बरहेट ग्रिड को मिलाकर 22 मेगावाट के स्थान पर मात्र 13 - 14 मेगावाट ही मिल रहा है बिजली

साहिबगंज (फाइल फोटो)