प्रतिनिधि, तालझारी. सावन की अंतिम सोमवारी को पश्चिम बंगाल, बिहार, पाकुड़ सहित जिले के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में शिवभक्त बाबा मोतीनाथधाम पहुंचे और अहले सुबह जलार्पण किया. श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बेलपत्र, फूल, फल और गंगाजल से बाबा का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की. अंतिम सोमवारी को लेकर मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा.
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और चिकित्सा की व्यवस्था
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए मंदिर परिसर में पेयजल, शरबत और चिकित्सा समेत अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गयी थी. स्थानीय भक्तों की भी अंतिम सोमवारी पर काफी भीड़ रही. पूजा-अर्चना के दौरान मोतीझरना विकास समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं को सहयोग किया और व्यवस्था संभालने में सक्रिय भूमिका निभायी.
मंदिर से मुख्य सड़क तक तैनात रहा पुलिस बल
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर परिसर से लेकर मोतीझरना मुख्य सड़क तक पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी. जगह-जगह मोतीझरना विकास समिति के सदस्यों को भी लगाया गया था, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो.
पाकुड़ से पहुंचा युवा कांवरियों का जत्था
सावन की अंतिम सोमवारी पर पाकुड़ जिले से दर्जनों की संख्या में युवा कांवरियों का जत्था भी बाबा मोतीनाथधाम पहुंचा. कांवरियों ने जलार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना की.
जत्थे में शामिल युवाओं ने बताया कि मोतीझरना स्थित बाबा मोतीनाथधाम क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां का प्राकृतिक दृश्य भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. मंदिर के समीप गिरने वाले झरने का पानी इस स्थान की खूबसूरती को और बढ़ा देता है.
