बरहरवा (साहेबगंज): साहेबगंज जिले के बरहरवा नगर पंचायत क्षेत्र स्थित कुशवाहा टोला सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा मंदिर में इस साल इतिहास रचा जाएगा. वर्ष 1977 से शुरू हुई इस ऐतिहासिक दुर्गा पूजा के इस बार 50 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं. इस स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) के खास मौके पर मंदिर समिति द्वारा 11 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक भव्य कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी गई है. इसमें देवी भागवत कथा से लेकर बनारस के पुरोहितों द्वारा भव्य चंडी पाठ और महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा.
झोपड़ी से शुरू हुआ सफर, अब उमड़ती है हजारों की भीड़
कमेटी के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रसाद महतो ने बताया कि वर्ष 1977 में स्वर्गीय मेघलाल महतो, स्वर्गीय तपेश महतो, स्वर्गीय बृजमोहन महतो, स्वर्गीय धीरेन महतो, स्वर्गीय गणेश महतो और उन्होंने खुद ग्रामीणों के साथ मिलकर इस पूजा की शुरुआत की थी. शुरुआती दिनों में लोग चंदा जुटाकर झोपड़ी में मां की प्रतिमा स्थापित करते थे. आज भक्तों के सहयोग से यहाँ भव्य मंदिर खड़ा है. अब यहाँ कुशवाहा टोला के अलावा नया टोला, लबदा, झिकटिया और सब्जी मंडी समेत आसपास के इलाकों से हजारों श्रद्धालु मन्नतें मांगने आते हैं.
₹3 लाख का बजट: मालदा के मूर्तिकार बनाएंगे अजंता शैली की प्रतिमा
इस साल स्वर्ण जयंती को यादगार बनाने के लिए मंदिर समिति कोई कसर नहीं छोड़ रही है. करीब दो लाख रुपये की लागत से भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है. वहीं, आकर्षण का मुख्य केंद्र रानीगंज मालदा के मशहूर मूर्तिकार गणपति पाल द्वारा बनाई जा रही 'नटराज शैली' (अजंता शैली) की मां दुर्गा की प्रतिमा होगी, जिसकी लागत करीब एक लाख रुपये है.
बनारस के पुरोहित करेंगे चंडी पाठ, सैंथिया के ढाक पर थिरकेंगे पैर
इस वर्ष भी बनारस के प्रख्यात पंडित चंद्र प्रकाश चौबे द्वारा चंडी पाठ और महाआरती संपन्न कराई जाएगी. वहीं, ब्रह्मपुर के आचार्य अमित चटर्जी और प्रदीप रॉय षष्ठी से दशमी तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्य पूजा करेंगे. पूजा में माहौल को भक्तिमय बनाने के लिए सैंथिया के फौनी दास, साधु दास और दिलीप दास द्वारा पारंपरिक ढाक वादन किया जाएगा. षष्ठी से प्रतिदिन भोग वितरण और दशमी को भव्य नारायण भोग होगा.
12 दिनों के महा-आयोजन का पूरा शेड्यूल (11 से 22 अक्टूबर):
- 11 से 15 अक्टूबर (देवी भागवत कथा): श्रद्धेय संजयकृष्ण स्नेह (व्यासजी) द्वारा कथा वाचन किया जाएगा. 11 को कलश यात्रा, 12 को नवरात्रि व्रत विधि, 13 को चंडी चरित्र, 14 को देवी गीत संध्या और 15 अक्टूबर को धार्मिक पूर्णाहुति होगी.
- 16 अक्टूबर (खेलकूद व सांस्कृतिक प्रतियोगिता): बच्चों के लिए मेंढक दौड़, चम्मच दौड़, म्यूजिकल चेयर, चित्रकला (कक्षा 1-10) और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता (कक्षा 3-12) के साथ डांस और संगीत का मुकाबला होगा.
- 17 से 20 अक्टूबर (सतचंडी महायज्ञ): चार दिवसीय सतचंडी महायज्ञ का आयोजन होगा, जिसकी पूर्णाहुति 20 अक्टूबर को महाप्रसाद वितरण के साथ होगी.
- 21 अक्टूबर (भक्ति जागरण और महाभंडारा): दोपहर 12 बजे से प्रभु इच्छा तक महाभंडारा चलेगा और शाम 7 बजे से नामचीन कलाकारों द्वारा भक्ति जागरण की प्रस्तुति होगी.
- 22 अक्टूबर (भव्य विसर्जन शोभायात्रा): शाम 4 बजे मां दुर्गा की भव्य विदाई और विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी.
पिछले साल हुई थी ₹89 हजार की बचत, इस बार ज्यादा आय की उम्मीद
पूजा समिति के अनुसार, पिछले वर्ष 2025 में कुल आय 5,44,971 रुपये हुई थी, जबकि कुल खर्च 4,55,660 रुपये हुआ था. इस तरह समिति को 89,311 रुपये की बचत हुई थी. इस साल स्वर्ण जयंती के कारण आय में और अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद है.
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मुख्य कार्यकारी प्रभारी दीनानाथ साह, बसंत महतो, उपाध्यक्ष भरत कर्मकार, महासचिव देवाशीष महतो, सह उपाध्यक्ष विजय कुमार यादव, कोषाध्यक्ष सुदेश कुशवाहा, पूजा प्रभारी मुकेश महतो, चंदा प्रभारी सुमित गुप्ता, सचिव प्रमोद कुमार, अजय यादव, सन्नी राज, विश्वजीत कुशवाहा, अमित कुमार और शशिकांत कुमार समेत पूरी टीम जी-जान से जुटी हुई है.
