साहिबगंज जिले में नशे का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है, जिससे युवा और किशोर वर्ग इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं. अब नशा केवल शराब, सिगरेट या गुटखा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ब्राउन शुगर, गांजा और नशे के इंजेक्शन तक पहुंच चुका है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक इसका असर साफ दिखाई दे रहा है. जानकारी के अनुसार, जिले में ब्राउन शुगर की खेप हर 15 दिनों में पहुंचती है, जबकि गांजा की आपूर्ति सप्ताह में एक बार होती है. इससे साफ है कि नशे का संगठित नेटवर्क सक्रिय है. हाल ही में प्रशासन द्वारा छापेमारी में तीन किलो गांजा बरामद किया गया, जो इस धंधे के बड़े स्तर पर होने की पुष्टि करता है. अंजुमननगर, रसूलपुर दहला, जिरवाबाड़ी, पंचगढ़ और चानन जैसे क्षेत्रों में 10 वर्ष के किशोर से लेकर बुजुर्ग तक नशे की चपेट में हैं. सुनसान रास्ते, गंगा तट, दियारा क्षेत्र और रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाके नशेड़ियों के अड्डे बनते जा रहे हैं, जहां शाम होते ही भीड़ जुटने लगती है. नशे की लत पूरी करने के लिए किशोर चोरी, छिनतई और बाइक चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. पुलिस के अनुसार पकड़े गये अपराधियों में बड़ी संख्या युवाओं की है, जो नशे के आदी हैं. डॉ सचिन कुमार के अनुसार, नशीले पदार्थों का सेवन शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है. इससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और समाज को मिलकर समय रहते ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि युवा पीढ़ी को इस नशे के जाल से बचाया जा सके. कहते हैं एसडीपीओ हालिया छापेमारी में तीन किलो गांजा बरामद किया गया है. एक महिला समेत एक तस्कर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है. उन्होंने कहा कि ब्राउन शुगर को लेकर भी पुलिस ने मैप तैयार किया है. जिले में कौन-कौन इस धंधे में शामिल हैं, इसकी पहचान की जा रही है. जल्द ही बड़े स्तर पर कार्रवाई की जायेगी. किशोर तिर्की, एसडीपीओ
: नशे की गिरफ्त में आ रहे युवा, ब्राउन शुगर और गांजा का संगठित नेटवर्क सक्रिय
नशा बढ़ा रहा अपराध, किशोर तेजी से बन रहे शिकार

साहिबगंज (फाइल फोटो)