साहिबगंज के लाल अमन ने किया कमाल, आईएफएस में 27 रैंक लाकर किया नाम रौशन
अमन आयुष्कर का डीएफओ ने किया सम्मान
साहिबगंज
कहते हैं कि प्रतिभा किसी पहचान या संसाधन की मोहताज नहीं होती, और इसे सच कर दिखाया है साहिबगंज के पुरानी साहिबगंज निवासी अमन आयुष्कर ने. ओमप्रकाश तिवारी के पुत्र अमन ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) परीक्षा में ऑल इंडिया 27वीं रैंक हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है. 8 मई को घोषित परिणाम में उनकी इस सफलता की खबर मिलते ही परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गयी. अमन ने बताया कि उन्होंने इससे पहले वर्ष 2018 में भारतीय इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा पास की थी और जनवरी 2020 में रक्षा मंत्रालय में नियुक्ति मिली. वह रक्षा मंत्रालय में कैप्टन के पद पर कार्यरत थे. वर्ष 2021 में गलवान घटना के बाद भारत-चीन सीमा पर कैलाश मानसरोवर रोड निर्माण कार्य में योगदान देने के लिए उन्हें आर्मी कमांडर मेडल से सम्मानित किया गया था. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सड़क निर्माण के दौरान उनकी मुलाकात वन अधिकारियों से हुई. वहीं से उनके मन में वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने की प्रेरणा जगी. इसके बाद उन्होंने सेंट्रल सर्विस छोड़कर ऑल इंडिया सर्विस की तैयारी का निर्णय लिया. वर्ष 2024 में नौकरी से इस्तीफा देकर घर पर रहकर आईएफएस की तैयारी शुरू की. अमन की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल से हुई. उन्होंने वर्ष 2016 में ग्रेजुएशन और 2018 में आईआईटी दिल्ली से एमटेक की पढ़ाई पूरी की. 2018 से 2024 तक नौकरी करने के बावजूद उन्होंने लगातार अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा. अमन ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, दोस्तों, शिक्षकों, नौकरी के दौरान मिले अधिकारियों और फॉरेस्ट ऑफिसर प्रबल गर्ग को दिया. उन्होंने बताया कि उन्हें पटना के “डॉल्फिन मैन” से प्रेरणा मिली. गंगा में बनने वाली डॉल्फिन सेंचुरी और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करना उनका सपना है. प्रशिक्षण के बाद वह झारखंड को हरा-भरा बनाने, वन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में काम करना चाहते हैं. अमन के पिता ओमप्रकाश तिवारी किसान और ट्यूशन शिक्षक हैं. बड़ी बहन कोमल तिवारी बीएड और सीटेट पास कर दिल्ली से मास्टर डिग्री कर रही हैं, जबकि छोटी बहन आस्था तिवारी लंदन कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर कर रही हैं. मां सुधा तिवारी ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि मेहनत और लगन से आज के युवा अपने परिवार और समाज का नाम रोशन कर सकते हैं.