गंगा में डूब रहे 10 बांग्लादेशी नागरिकों को BSF ने बचाया, स्पीड बोट से रेस्क्यू

गंगा की तेज धारा में फंसे 10 बांग्लादेशी नागरिकों को BSF ने बचाया. बाढ़ से तबाह गांव से जान बचाकर भारत आए लोगों का सफल रेस्क्यू.

प्रतिनिधि, फरक्का: भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने सुरक्षा के साथ मानवीयता की मिसाल पेश की. मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज थाना क्षेत्र के गंगा नदी तटीय इलाके खंडूया में ड्यूटी के दौरान जवानों ने गंगा की तेज धारा में 10 लोगों को डूबते देखा. सभी मदद के लिए चिल्ला रहे थे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीएसएफ जवानों ने तत्काल स्पीड बोट की मदद से नदी में उतरकर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

गंगा की तेज धारा में फंसे थे 10 लोग

बीएसएफ की 71वीं बटालियन के जवानों ने ड्यूटी के दौरान गंगा नदी में लोगों को मदद के लिए पुकारते देखा. तेज धारा के बीच उनकी जान खतरे में थी.

जवानों ने बिना देर किये रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और स्पीड बोट की मदद से नदी में पहुंचकर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

बाढ़ में डूब गया था गांव

बीएसएफ सूत्रों के अनुसार, नदी से बचाये गये सभी लोग बांग्लादेश के चपैनबाबगंज-जोहोरपुर के रहने वाले हैं. पूछताछ में उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण उनका गांव पूरी तरह डूब गया था.

इसके बाद वे नाव से अपने ही देश में किसी सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे थे. इसी दौरान गंगा की तेज धारा में उनकी नाव डूब गयी. नाव डूबने के बाद वे तैरते हुए कब भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंच गये, उन्हें इसका पता नहीं चला.

BSF कैंप में दी गयी जरूरी सुविधा

नदी से सुरक्षित बाहर निकालने के बाद बीएसएफ जवानों ने सभी 10 लोगों को कैंप पहुंचाया. वहां उनकी जरूरत के अनुसार आवश्यक व्यवस्था की गयी.

इसके बाद बीएसएफ जवानों ने पूछताछ कर मामले की जानकारी जुटायी और बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल के जवानों से संपर्क किया.

निर्धारित प्रक्रिया के बाद वापस भेजे गये

बीएसएफ ने सीमा संबंधी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी 10 बांग्लादेशी नागरिकों को सुरक्षित उनके देश भेज दिया.

इस दौरान जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ मानवीय पहल का भी परिचय दिया. बाढ़ और नदी की तेज धारा के बीच समय पर किये गये रेस्क्यू से 10 लोगों की जान बच गयी.

तीन परिवारों के 10 लोग शामिल

बचाये गये लोगों में चार पुरुष, चार महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं. सभी तीन परिवारों से संबंधित बताये गये हैं.

बचाये गये लोगों में मुहम्मद इब्राहिम शेख (55), मुहम्मद सौदागर (48), आलमीन शेख (7), साबिर शेख (9), मुहम्मद रसीद शेख (22), सखिना बेगम (55), निलुफर यास्मीन (26), तानिया खातून (22), इब्राम शेख (26) और इंफान बगल (30) शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

By Vikash Jaiswal

विकास जायसवाल तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। जनसरोकार, खोजी खबरों, सामाजिक मुद्दों, क्राइम और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने में अनुभवी हैं।

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