क्विज में अव्वल 50 बच्चों को संघ सदस्यों ने किया पुरस्कृत साहिबगंज. साहिबगंज में संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती शहर के बड़ा पंचगढ़ स्थित बालदेव उरांव के आवास पर राष्ट्रव्यापी मूलनिवासी मेला एवं ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर मनायी गयी. मूल निवासी संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामेश्वर मंडल ने कहा कि बाबा साहेब की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनके विचारों को अपनाने का संकल्प लिया गया. उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति में योग्यता हो तो समाज उसे हमेशा सम्मान देता है. समाज को बदलने के लिए शिक्षा को हथियार बनाना आवश्यक है. बालदेव उरांव ने कहा कि जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले बाबा साहेब को समानता और न्याय का प्रतीक माना जाता है. आदित्य नारायण ने कहा कि बाबा साहेब ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया और हमें भाग्य में विश्वास रखने के बजाय अपनी शक्ति और कर्म में विश्वास करना चाहिए. कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये. इसके अलावा, 10 गांवों में आयोजित क्विज में सफल 50 बच्चों को कॉपी, पेन और अन्य उपहार प्रदान किए गये. मंच संचालन चंद्रशेखर मरांडी ने किया. इस अवसर पर वक्तागण रामेश्वर मंडल, मिथियस बेसरा, दिलीप मल्लिक, फुलकुमार रजक, बालदेव उरांव, रामाशीष यादव, रंजीत पासवान, राजीव कुमार, पशुपति मंडल, रामस्वरूप यादव, कृष्णदेव मंडल, मोनिका किस्कू, जेम्स एक्का, मीना कुमारी और विभीषण पासवान ने अपने विचार व्यक्त किये. मौके पर अनुपलाल हरि, अमितलाल मुंडा, छोटेलाल मुंडा, रामनारायण उरांव, गंगेश प्रधान, दीप्ति उरांव सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.
शिक्षा और एकजुटता से समाज में आयेगा बदलाव
मूल निवासी संघ ने मनायी बाबा साहब व ज्योतिबा फुले की जयंती, बोले राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य

साहिबगंज (फाइल फोटो)