साहिबगंज : चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी एवं रिहा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बोरियो प्रखंड के बांझी पंचायत अंतर्गत सरसा ग्राम के कन्ना मुमरू को उनकी 14 वर्षीय पुत्री सुहागिनी हेंब्रम को सौंपा. रिहा संस्था के निदेशक सहेंद्र प्रसाद ने बताया कि बच्ची सुहागिनी ने बताया कि बोरियो की रहने वाली अनीता टुडू उसे दिल्ली ले गयी थी.
वे दिल्ली में 3-4 महीने किसी के घर में झाड़ू, पोछा का काम किया. जब घर पर कोई नही था तो मैं वहां से भाग निकली. तब पुलिस ने हमें अपने साथ ले जाकर भारतीय किसान संघ के आश्रम में रखा. आश्रम के द्वारा मुङो किशोरी निकेतन रांची भेजा गया जहां से निकेतन के अमर कुमार गुप्ता व सिंघीपूर्ति ने मुङो साहिबगंज लेकर आये. और मैं अपने परिजन से मिल सकी.
