साहिबगंज : जिला अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने भ्रष्टाचार के विरोध में अपनी मांगों को लेकर सोमवार को कार्य बहिष्कार किया. इस कारण लगभग 200 मामले में कार्रवाई प्रभावित रही. गौरतलब हो कि बीते वर्ष दिसंबर में न्यायालय के दो कर्मचारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार को लेकर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिश एवं स्टेट बार कॉन्सिल में मामला भेजा गया था.
बैठक कर प्रस्ताव पारित कर आवेदन भेजा गया और इसकी लिखित जानकारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधिश को भी दी गयी थी. लेकिन उन दोनों कर्मी के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण संघ के सदस्यो में रोष है. वहीं सोमवार को भी 2:30 बजे जिला अधिवक्ता संघ ने बैठक कर मांगें नहीं माने जाने पर आगे की रणनीति बनाकर प्रस्ताव पारित किया. 27 जनवरी 2016 से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधिश का कोर्ट बहिष्कार करने का निर्णय लिया है.
अधिवक्ताओं ने कोर्ट बहिष्कार के पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधिश ओमप्रकाश पांडे से मिलकर समस्याओं के निदान की बात करेंगे. समस्या निदान नहीं होने पर उनका कोर्ट बहिष्कार करेंगे. वहीं संघ को बिना सूचना राजमहल कोर्ट चले जाने पर उनका निंदा प्रस्ताव पारित किया गया. साथ ही संघ का एक प्रतिनिधिमंडल इस बीच उच्च न्यायालय झारखंड के मुख्य न्यायाधीश से 14-15 जनवरी को मिलने को लेकर एक आवेदन फैक्स द्वारा भेजने का निर्णय लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है. मौके पर दर्जनों अधिवक्ता मौजूद थे.
