साहिबगंज : एक ओर आतंकी हमले के बाद देश कई शहरों में सुरक्षा की दृष्टिकोण से हाई अलर्ट जारी किया गया है. वहीं साहिबगंज न्यायालय की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. ज्ञात हो कि कुछ वर्षों पूर्व राजमहल न्यायालय परिसर में हुई बमबारी के बाद सुरक्षा के लिहाज से जिले के सभी न्यायालयों को वर्ष 2012 से ही सुरक्षा प्रदान की गयी थी.
वर्ष 2013 में तत्कालीन उपायुक्त द्वारा सभी सुरक्षाकर्मी को ड्यूटी करने के लिए शेड का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया था. शेड में शौचालय आदि की भी व्यवस्था करनी थी. वर्तमान में साहिबगंज न्यायालय की सुरक्षा में तीन गार्ड तैनात हैं. इसमें हवलदार ज्योतिंद्र प्रसाद सिंह, सिपाही प्रदीप कुमार सुमन, मनसा हजाम, विजय हांसदा व एक महिला हवलदार बचनी देवी शामिल हैं.
सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि पिछले तीन सालों से वे सभी काफी परेशानी मे ड्यूटी कर रहे हैं. उन्होने बताया कि वर्ष 2013-14 मे ही कोर्ट गेट पर सिपाही शेड, बैठने के लिए पक्का टेबुल और शौचालय बनाने का बात था. लेकिन अब तक शेड और शौचालय नहीं बनने के कारण हमलोगों को काफी परेशानी होती है. बरसात में छतरी के सहारे ड्यूटी करते हैं. वहीं गरमी में पेड़ों की छांव में बैठकर काम करते हैं. बचनी देवी हवलदार ने कहा कि सबसे ज्यादा महिला सिपाही को शौच जाने में परेशानी होती है. इस दिशा में जिला प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हो पा रही है.
