बरहरवा : बिंदुधाम परिसर स्थित सामुदायिक भवन का की स्थिति काफी जर्जर हो गयी है. देखरेख के अभाव में भवन में लगाये गये दरवाजे, खिड़की, रेलिंग टूटने लगा है. एक वक्त था जब यह सामुदायिक भवन अतिथियों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था हुआ करती थी. किंतु मंदिर प्रबंधन व पदाधिकारियों के उदासीनता के कारण सामुदायिक भवन की स्थिति दिन-प्रतिदिन और बदतर होती जा रही है.
ज्ञात हो कि 16 अप्रैल 2002 को बिंदुधाम में प्रस्तावित सामुदायिक भवन का शिलान्यास झारखंड सरकार के आपूर्ति, वाणिज्य, मतस्य एवं पशुपालन विभाग के तत्कालीन मंत्री देवीधन बेसरा ने किया था. लगभग दो वर्षों तक भवन का कार्य प्रारंभ होने के पश्चात झारखंड सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने 22 जुलाई 2004 को उक्त सामुदायिक भवन का उद्घाटन स्वयं किये थे.
जानकारी ली जा रही है, आवश्यक पहल होगी : एसडीओ
एसडीओ संजीव बेसरा ने कहा कि मामले की जानकारी पतना व बरहरवा बीडीओ से ली जा रही है. जिसे लेकर आवश्यक पहल की जायेगी.
कई सामान हो गये गायब
8 रूम व 2 हॉल के अलावे शौचालय व रसोई के सामान गायब हो रहे है. पलंग, शोफा, गद्दा सहित अन्य सामान गुम हो गयी है.
क्या कहते हैं मंदिर प्रबंधक
मंदिर के मुख्य पुजारी गंगा बाबा का कहना है कि सामुदायिक भवन की स्थिति काफी नरकीय है.सामुदायिक भवन का देख-रेख का जिम्मा प्रशासन को है. अगर मंदिर प्रबंधन के पास देख-रेख की जिम्मेवारी होती तो हमलोग बेहतर तरीके से इसकी देख-रेख करते.
शरारती तत्वों का होता है जमावड़ा : सामुदायिक भवन के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रत्येक दिन शरारती तत्वों का जमावड़ा होता है. साथ ही कुछ लोग उक्त स्थल का दुरूपयोग भी करते हैं.
