बरहरवा. देशभर में वर्ष 2011 में जनगणना संपन्न हुई थी, उसके बाद से ही सभी कार्य इस अंतिम जनगणना के आधार पर हो रहे हैं. अब नये सिरे से जनगणना प्रारंभ होने वाली है. भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण एवं मकानों की गणना 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर के बीच छह माह की अवधि में होना है. प्रत्येक राज्य और संघ राज्य क्षेत्र के सरकारों द्वारा 30 दिनों में यह किया जाना है. इसी के तहत झारखंड में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 16 मई से 14 जून के बीच किया जायेगा. प्रगणक (जनगणना अधिकारी) घर-घर जाकर मकानों के सूचीकरण का कार्य करेंगे. वहीं, मकानों के सूचीकरण से ठीक पहले 15 दिनों (1 मई से 15 जून) तक राज्यवासियों को स्व-गणना का विकल्प दिया जायेगा, जिससे लोग प्रगणक के आने से पहले अपना विवरण डिजिटल रूप से स्वयं दर्ज कर सकते हैं. राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के दौरान आवासों की स्थिति, घरेलू सुविधाएं और उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जायेगी. इन महत्वपूर्ण संकेतकों को दर्ज करने के लिए प्रथम चरण में कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किये गये हैं, जो नागरिकों से सवालों के रूप में पूछे जायेंगे. उपलब्ध जानकारियां भविष्य में साक्ष्य आधारित योजना निर्माण, नीति निर्धारण और लक्षित कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार प्रदान करेंगे.
राज्यवासी स्व-गणना के माध्यम से भी दे सकेंगे जानकारी
स्व गणना (सेल्फ एनिमेशन यानी अपना खुद का कार्टून या एनिमेशन बनाना) जनगणना की एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत निवासी अपने परिवार संबंधी विवरण को स्वयं ऑनलाइन भरकर प्रस्तुत कर सकते हैं. झारखंड में स्व गणना 1 मई से 15 जून तक यानी 15 दिनों की अवधि में होगी. यह देशभर के 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगी. इसमें पहली बार उतरदाताओं को प्रगणकों के आने से पहले अपनी सुविधानुसार आनलाइन विवरण भरने का विकल्प उपलब्ध होगा. स्व गणना में भाग लेने के लिए व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर और बुनियादी जानकारियों का उपयोग करके https://secensus.gov.in पोर्टल पर लॉगइन कर सकते हैं. व्यक्ति द्वारा सफलता पूर्वक फॉर्म सबमिट करने पर एक यूनिक सेल्फ एनिमेशन आइडी (एसइआइडी ) जनरेट होगा. जिसे बाद में प्रगणक के फील्ड विजिट के दौरान उनसे पुष्टि करने के लिए साझा किया जायेगा.
16 मई से घर-घर जायेंगे प्रगणक, पूछेंगे 33 सवालों के जवाब
पिछली जनगणना की तरह प्रगणक (जनगणना अधिकारी) सभी आवंटित हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में घर-घर जायेंगे. मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए घर के संबंध में, परिवार के संबंध में, जल, स्वच्छता एवं ऊर्जा के संबंध में तथा घरेलू उपकरणों की उपलब्धता के संबंध में प्रश्न पूछेंगे, जिनका सही जवाब घर के मुखिया या जिम्मेदार व्यक्ति को देना है. मकान सूचीकरण के दौरान पूछे जायेंगे ये सवाल 1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर) 2. जनगणना मकान नंबर 3. जनगणना मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 4. जनगणना मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 5. जनगणना मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 6. जनगणना मकान के उपयोग 7. जनगणना मकान की हालत 8. परिवार क्रमांक 9. परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या 10. परिवार के मुखिया का नाम 11. परिवार के मुखिया का लिंग 12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है 13. मकान के स्वामित्व की स्थिति 14. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या 15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या 16. पेयजल का मुख्य स्त्रोत 17. पेयजल स्त्रोत की उपलब्धता 18. प्रकाश का मुख्य स्त्रोत 19. शौचालय की सुलभता 20. शौचालय का प्रकार 21. गंदे पानी की निकासी 22. स्नानगृह की उपलब्धता 23. रसोईघर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता 24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन 25. रेडियो/ट्रांजिस्टर 26. टेलीविजन 27. इंटरनेट सुविधा 28. लैपटॉप/कंप्यूटर 29. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन 30. साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड 31. कार/जीप/वैन 32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाले मुख्य अनाज 33. मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संसूचना के लिए) क्या कहते हैं पदाधिकारी झारखंड जनगणना के निदेशक ने कहा कि जनगणना सरकार के गाइडलाइंस के तहत की जायेगी. इसे लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. -प्रभात कुमार, निदेशक, जनगणना झारखंड