????????? ???????? ??? ???????? ?? ??? ?? ??????????

आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थिति के नाम पर खानापूर्ति 30 नवंबरफोटो संख्या- 01 व 02 व 07बरहरवा से जा रहा है.कैप्सन- छोटा दुर्गापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, सिमलढ़ाव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र व कंचे खेलते बच्चे.प्रतिनिधि, पतनाप्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका, सहायिका एवं पर्यवेक्षिकाओं के मनमाने रवैये के कारण इन दिनों उपस्थिति के नाम पर खानापूर्ति की […]

आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थिति के नाम पर खानापूर्ति 30 नवंबरफोटो संख्या- 01 व 02 व 07बरहरवा से जा रहा है.कैप्सन- छोटा दुर्गापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, सिमलढ़ाव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र व कंचे खेलते बच्चे.प्रतिनिधि, पतनाप्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका, सहायिका एवं पर्यवेक्षिकाओं के मनमाने रवैये के कारण इन दिनों उपस्थिति के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है. आलम यह है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में कहीं सेविका गायब तो कहीं सहायिका गायब तो कहीं केंद्र ही बंद रहते हैं. इस कारण सरकार द्वारा चलाये जा रहे महत्वाकांक्षी योजना बाल विकास परियोजना का लाभ पतना के आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों को नहीं मिल रहा है.केस स्टडी वनपतना प्रखंड के अर्जुनपुर पंचायत के छोटा दुर्गापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 02 बंद पाया गया. यहां तक कि केंद्र के आस-पास एक भी बच्चे नहीं दिखे. केंद्र की सेविका जुही खातुन व सहायिका असगीरी बीवी भी केंद्र से नदारत थी. ग्रामीणों ने बताया कि यहां प्रतिदिन आंगनबाडी केंद्र की यही स्थिती रहती है.केस स्टडी टूसिमलढाव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिती काफी जर्जर है. केंद्र के चारो ओर जंगली पौधे उग आये हैं. लगता है कि महीनों से केंद्र नहीं खुला है. ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र की लगातार यही स्थिती रहती है सेविका द्वारा महीने में दो-चार दिन ही आंगनबाड़ी केंद्र से दूर मोहलीटोला स्थित एक घर में लाभुकों के बीच पोषाहार का वितरण कर दिया जाता है. बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की कोई व्यवस्था केंद्र द्वारा नहीं की जाती है.क्या कहते हैं ग्रामीणफोटो संख्या- 03- पोबनी हेंब्रमआंगनबाड़ी केंद्र खुलता ही नहीं है सेविका अक्सर गायब रहती है. बच्चों का पढ़ाई-लिखाई आंगनबाड़ी में नहीं होता है.फोटो संख्या – 04- पान सुडी मरांडीसेविका द्वारा पोषाहार का भी वितरण कभी कभार ही किया जाता है आंगनबाडी की स्थिती काफी दयनीय है.फोटो संख्या- 05- मोनिका हेंब्रमआंगनबाड़ी हमेशा बंद रहता है. जांच करने पर्वेक्षिका आती है और खानापूर्ति करके चली जाती है.फोटो संख्या 06- माईकल किस्कूआंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुलने से गांव के छोटे-छोटे बच्चों को ना ही पोषाहार मिल पाता है और ना ही बच्चों की पढ़ाई हो पाती है, जिस कारण दिन-भर छोटे-छोटे बच्चे खेलते रहते हैं.क्या कहती है एसडीओइस मामले को लेकर राजमहल के अनुमंडल पदाधिकारी संजीव बेसरा ने बताया कि मामले की जांच कर कारवाई की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >