?????? :: ?????????? ?? ???????????? ???? ?? ?????

प्रवचन :: व्यक्तित्व का पुनर्निर्माण करता है ध्यान ध्यान: ध्यान के नियमित अभ्यास से वांछनीय परिणाम मिलते हैं परंतु इसे योग्य व्यक्ति के मार्ग निर्देशन में सीखना चाहिये. हमारे अचेतन तथा अवचेतन मन में विभिन्न तरह के तनाव रहते हैं जिनके मूल कारण दूर नहीं हो पाते, लेकिन ध्यान द्वारा अवचेतन तथा अचेतन मन के […]

प्रवचन :: व्यक्तित्व का पुनर्निर्माण करता है ध्यान ध्यान: ध्यान के नियमित अभ्यास से वांछनीय परिणाम मिलते हैं परंतु इसे योग्य व्यक्ति के मार्ग निर्देशन में सीखना चाहिये. हमारे अचेतन तथा अवचेतन मन में विभिन्न तरह के तनाव रहते हैं जिनके मूल कारण दूर नहीं हो पाते, लेकिन ध्यान द्वारा अवचेतन तथा अचेतन मन के तनाव दूर होते हैं और समस्या के मूल कारण का निराकरण होता है. ध्यान द्वारा धैर्य, दृढ़ निश्चय तथा आंतरिक कार्यों को नियंत्रित करने की क्षमता बढ़ती है. सम्मोहन की अपेक्षा ध्यान द्वारा अधिक लाभ प्राप्त होता है. ध्यान हमारे व्यक्तित्व का पुनर्निर्माण करता है तथा जीवन को अधिक स्वस्थ तथा सुसंगत बनाता है, क्योंकि ध्यान का आधार ज्ञान, बुद्धि, समझ तथा अंतर्दृष्टि है.ध्यान द्वारा मन के पुराने, अनुपयोगी तथा क्षत-विक्षत भावनायें और विचार हट जाते हैं. ऊर्जा मुक्त होती तथा उनके सम्मोहनकारी प्रभावों से बच सकते हैं. हम सम्मोहन-निद्रा से जागकर जीवन के यथार्थ को देख सकते हैं. इस प्रकार ध्यान की उपलब्धियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >