साहिबगंज : चीनी आक्रमणकारियों के हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के क्रम में आइटीबीपी के कुछ जवान लद्दाख स्थित हाट जिग में शहीद हो गये. उनकी वीरता देख पूरा विश्व ने दांतो तले ऊंगलियां दबा ली थी. उन शहीदों के बलिदान पर गर्व करने का समय है.
राजमहल डीएसपी विजय आशिष कुजूर ने सोमवार को पुलिस लाइन मैदान में संस्मरण दिवस के अवसर पर पदाधिकारियों व जवानों को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही. उन्होंने बताया कि देश की सुरक्षा आतंरिक व वाह्य भाग में बंटी होती है. इसमें पुलिस की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. पुलिस निडर होकर सभी परिस्थितियों का सामना करते हैं. आंतरिक सुरक्षा में कर्तव्य के प्रति जीवन का बलिदान करनेवाले पुलिसकर्मियों को वे श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.
मालूम हो कि एक सितंबर 2012 से 31 अगस्त 2013 तक झारखंड में एक एसपी, चार अनि, चार सअनि, चार हवलदार, दो चालक व 25 पुलिसकर्मी समेत कुल 40 पदाधिकारी व पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं. इनकी याद में पुलिसकर्मियों ने दो मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी.
मौके पर शहीदों को सलामी भी दी गयी. इस अवसर पर इंस्पेक्टर जीपी सिंह, अमरेंद्र कुमार, जिले के सभी थाना प्रभारी, अनि, सअनि सहित बैरेक में मौजूद सभी जवानों ने सलामी में भाग लिया. सदर डीएसपी शशिभूषण ने जैप9 में शोक सलामी ली.
