– संताल परगना में मची तबाही
– पाकुड़ में 140 घर ध्वस्त, सैकड़ों पेड़ गिरे, आवागमन बाधित
– भारी बारिश के कारण जन–जीवन, अस्त–व्यस्त
– प्रभावित परिवार दूसरे गांवों में लिये शरण
– स्कूलों में बना राहत कैंप
– पाकुड़, साहिबगंज व दुमका में प्रशासन ने पहुंचायी राहत सामग्री
पतना/बरहेट : बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान ने बरहरवा के करीब 180 घरों को अपने आगोश में ले लिया. हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. सबसे ज्यादा क्षति पतना प्रखंड में हुई है. यहां 48 परिवारों का आशियाना उजड़ गया है. जबकि 64 घरों को आंशिक क्षति हुई हैं.
इसके साथ ही सैकड़ों पेड़ गिर गये हैं. सरकारी आंकड़ों की मानें तो बड़तल्ला गांव में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त 31 व आंशिक रूप से 33, नुरूडीह में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पांच व आंशिक रूप से तीन, शहरी में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पांच व आंशिक रूप से 26, दुर्गापुर में आंशिक रूप से चार, तालझारी मे पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त आठ व मोदीकोला पंचायत में पूर्ण रूप से एक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं.
वहीं बरहेट प्रतिनिधि के अनुसार बरमसिया गांव में 60, फलभंगा में 40 व दियारपुर में सात घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गये हैं. जबकि बरमसिया में 33, फलभंगा में 30 व दियारपुर में दस घरों को आंशिक क्षति पहुंची है.
