साहिबगंज : नि:शक्तता अभिशाप नहीं है सिर्फ इच्छाशक्ति की कमी है. सरकारी उदासीनता के कारण ही मानसिक रोगी इलाज के अभाव में भटकते देखे जाते हैं. सदर अस्पताल में गुरुवार को विश्व मानसिक दिवस के अवसर पर प्राधिकार के प्रभारी सचिव सह एसीजेएम महेन्द्र प्रसाद ने उक्त बातें कही.
उन्होंने कहा कि 1900 ई. में अमेरिका के क्विफर्ड विचन के भाई को इससे ग्रसित होने पर इलाज की जरूरत पड़ी. तब क्विफर्ड ने वहां अस्पताल बनवाया जो बाद में अमेरिका में विख्यात अस्पताल साबित हुआ. उन्होंने कहा कि विश्व में 450 मिलियन ऐसे मरीज हैं. यह आंकड़ा और बढ़ सकता है. उन्होंने अमानवीय सोच बदलने की अपील की.
