शत प्रतिशत आधार सीडिंग नहीं होने पर रूकेगा बीडीओ का वेतन : डीसी

इस माह किसी पदाधिकारी को छुट्टी नहीं श्रम बजट के आधार पर मिलेगा मनरेगा में काम संवाददाता, साहिबगंजशत प्रतिशत आधार सीडिंग नहीं हुआ, तो बीडीओ का वेतन रोक दिया जायेगा. यह बातें डीसी उमेश प्रसाद सिंह ने कही. उन्होंने सोमवार को विकास भवन के सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक की. उन्होंने कहा कि […]

इस माह किसी पदाधिकारी को छुट्टी नहीं श्रम बजट के आधार पर मिलेगा मनरेगा में काम संवाददाता, साहिबगंजशत प्रतिशत आधार सीडिंग नहीं हुआ, तो बीडीओ का वेतन रोक दिया जायेगा. यह बातें डीसी उमेश प्रसाद सिंह ने कही. उन्होंने सोमवार को विकास भवन के सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक की. उन्होंने कहा कि 2008 से अभी तक जितने भी परिलक्षित मामले हैं, उसे 31 मार्च तक पूरा करें. साथ ही इंदिरा आवास, बिरसा मुंडा आवास व मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों को माह के अंत तक पूरा करें. उन्होंने कहा कि 20 मार्च तक सभी बीलों का भुगतान कर ले. अंतिम दिन कोषागार से बिल का भुगतान नहीं कराया जायेगा. इस माह में किसी भी पदाधिकारी व कर्मचारी की छुट्टी नहीं मिलेगी. वहीं होली के दरम्यान उधवा बीडीओ के बिना सूचना के गायब रहने पर डीसी ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि दुबारा ऐसा हुआ तो सरकार को पत्र लिखा जायेगा. इधर, उप विकास आयुक्त मुकुंद दास ने सभी बीडीओ व मनरेगा से जुड़े अधिकारी को मनरेगा के श्रम बजट के आधार पर मजदूरों को काम उपलब्ध कराने को कहा. उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव खुद जिले में चल रहे मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करने वाले हैं. उन्हें रिपोर्ट सौंपने के लिए प्रखंडों में बने श्रम बजट सहित कार्य की समीक्षा की जा रही है. किस प्रखंड में कितना श्रम बजट बना है. कितने गांवों में ग्राम सभा का गठन कर कार्य किया गया है. मनरेगा की प्रखंडवार की उपलब्धि को लेकर रिपोर्ट तैयार किया जा रहा है. बैठक में डीआरडीए निदेशक श्रीपति गिरि, एसी निरंजन कुमार, डीपीओ रामनिवास सिंह आदि थे…………..फोटांे नं 9 एसबीजी 5,6 हैं.कैप्सन: सोमवार को बैठक को संबोधित करते डीसीउपस्थित पदाधिकारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

कैसा लग रहा सर” कह ग्रामीणों ने डीसी को दिखायी जर्जर सड़क

साहिबगंज के लाल अमन ने किया कमाल, आईएफएस में 27 रैंक लाकर किया नाम रौशन

टॉप बॉक्स :: : पुराने दिनों को याद कर छलक उठते हैं आंसूफोटो नं 09 एसबीजी 3 है कैप्सन - वृद्धाश्रम में रह रही वृद्ध महिलाएं.सुनील ठाकुर, साहिबगंजमदर्स डे पर प्रभात खबर ने साहिबगंज जिला मुख्यालय स्थित धोबी झरना के पास बने वृद्ध आश्रम में रह रही 9 वृद्ध माताओं का हाल-चाल जाना. वृद्ध आश्रम में 15 लोग हैं, जिनमें नौ महिला व छह पुरुष हैं. वहां रह रही अर्चना राय, शकुंतला देवी, उषा राय, नाचो मुर्मू, सुलमा किस्कू, बसंती देवी, गायत्री देवी, मोनिका देवी ने बताया कि लोग कहते हैं कि मां के पैरों के नीचे स्वर्ग है. निश्चित रूप से यह बात गलत नहीं हो सकती क्योंकि धार्मिक किताब में भी लिखी हुई है. लेकिन आजकल के बच्चे इसे समझ नहीं पा रहे हैं. यही कारण है कि बूढ़े मां-बाप को बच्चे बोझ समझते हैं. रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी उषा राय ने बताया कि मदर्स डे पर सभी आते हैं लेकिन आखिर परिजन क्यों नहीं आते हैं. बरमसिया बरहेट निवासी सलमा किस्कू बताती हैं कि पहले हम लोग सुना करते थे कि बड़े-बड़े शहरों में शहर के लोग अपने मां-बाप को वृद्धाश्रम में रखते हैं पर अब आदिवासी लोगों को भी अपने मां-बाप भारी लगने लगे हैं. गायत्री देवी ने बताया कि यहां जिसे देखते हैं, मुझे लगता है कि सभी लोग हमारे परिवार हैं. अलग से हमारा भाई और रिश्तेदार क्यों मेरे से मिलने आयेगा? शहर व आसपास की ही महिलाएं यहां रह रहीं हैं. सबसे बड़ा दुख तब होता है जब बाजार से लोग सम्मानित करने आते हैं. मैं अपने परिजनों को देखने के लिए बेताब रहती हूं. उधवा की रहनेवाली अर्चना राय ने बताया कि मैं अपने परिजनों का नाम नहीं बताऊंगी, मुझे शर्म आती है. मेरे परिजन को शर्म नहीं आती है. पालन-पोषण कर बच्चों को बड़ा किया. आज हम बोझ बन गये हैं. शहर के कई समाजसेवी व संगठन के लोग मदर्स डे पर कार्यक्रम करने पहुंचेंगे.

गंगा नदी में डॉल्फिन संरक्षण को लेकर दिया प्रशिक्षण

यह भी पढ़ें >