ओके:: रेल सुविधा बढ़ाने को लेकर रेल मंत्री को लिखा पत्र

संवाददाता, साहिबगंजजिला विकास समिति की बैठक एलसी रोड स्थित कार्यालय में बुधवार को अरविंद प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में हुई. जिसमें साहिबगंज में रेल सुविधा बढ़ाने को लेकर चर्चा की गयी. आगामी रेल बजट को देखते हुए रेल मंत्री को पत्र लिख कर रेल बजट में 15 सूत्री मांगों को शामिल करने की मांग की […]

संवाददाता, साहिबगंजजिला विकास समिति की बैठक एलसी रोड स्थित कार्यालय में बुधवार को अरविंद प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में हुई. जिसमें साहिबगंज में रेल सुविधा बढ़ाने को लेकर चर्चा की गयी. आगामी रेल बजट को देखते हुए रेल मंत्री को पत्र लिख कर रेल बजट में 15 सूत्री मांगों को शामिल करने की मांग की गयी है. ताकि मालदा रेल डिवीजन के इस रेलखंड में विकास हो सके और आम जनता को लाभ मिल सके. इस मौके पर समिति के मुर्शाद अली, सुनील सिन्हा, संजय पांडे, आनंद मोदी, मुरलीधर तिवारी, नरेश कुमार, रामजी ठाकुर, उदय साह, महेश राम, शहबाज, आलम अंसारी उपस्थित थे. रेल बजट के लिए भेजा गया 15 सूत्री प्रस्ताव इस प्रकार है-साहिबगंज से मनिहारी गंगा नदी पर रेल सह सड़क पुल की स्वीकृति देने, साहिबगंज के पूर्वी एवं पश्चिमी रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज का निर्माण करने, साहिबगंज से हावड़ा के लिए एक नयी इंटर सिटी ट्रेन चलाने, साहिबगंज से रेलवे डिवीजनल कार्यालय खोलने, साहिबगंज में इलेक्ट्रिक शेड स्थापित करने, साहिबगंज से नयी दिल्ली के लिए एक नयी ट्रेन खोलने, साहिबगंज में एक नंबर प्लेटफॉर्म का चौड़ीकरण करने, साहिबगंज से रांची के लिए एक इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन खोलने, साहिबगंज से गोड्डा होते हुए जसीडीह तक एक नयी रेलवे लाइन बिछाने, साहिबगंज में प्लेटफॉर्म संख्या चार व पांच का निर्माण करने, साहिबगंज में डीएमयू मेंटेनेंस वर्क शॉप खोलने, साहिबगंज से भागलपुर रेलवे लाइन का दोहरीकरण का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने, आनंद बिहार एक्सप्रेस को सप्ताह में दो दिन के बजाय प्रतिदिन करने, बीसीएल बॉक्स मरम्मत एवं निर्माण कारखाना खोलने, मालदा से साहिबगंज होते हुए दरभंगा के लिए एक एक्सप्रेस ट्रेन खोलने की मांग की है.

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टॉप बॉक्स :: : पुराने दिनों को याद कर छलक उठते हैं आंसूफोटो नं 09 एसबीजी 3 है कैप्सन - वृद्धाश्रम में रह रही वृद्ध महिलाएं.सुनील ठाकुर, साहिबगंजमदर्स डे पर प्रभात खबर ने साहिबगंज जिला मुख्यालय स्थित धोबी झरना के पास बने वृद्ध आश्रम में रह रही 9 वृद्ध माताओं का हाल-चाल जाना. वृद्ध आश्रम में 15 लोग हैं, जिनमें नौ महिला व छह पुरुष हैं. वहां रह रही अर्चना राय, शकुंतला देवी, उषा राय, नाचो मुर्मू, सुलमा किस्कू, बसंती देवी, गायत्री देवी, मोनिका देवी ने बताया कि लोग कहते हैं कि मां के पैरों के नीचे स्वर्ग है. निश्चित रूप से यह बात गलत नहीं हो सकती क्योंकि धार्मिक किताब में भी लिखी हुई है. लेकिन आजकल के बच्चे इसे समझ नहीं पा रहे हैं. यही कारण है कि बूढ़े मां-बाप को बच्चे बोझ समझते हैं. रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी उषा राय ने बताया कि मदर्स डे पर सभी आते हैं लेकिन आखिर परिजन क्यों नहीं आते हैं. बरमसिया बरहेट निवासी सलमा किस्कू बताती हैं कि पहले हम लोग सुना करते थे कि बड़े-बड़े शहरों में शहर के लोग अपने मां-बाप को वृद्धाश्रम में रखते हैं पर अब आदिवासी लोगों को भी अपने मां-बाप भारी लगने लगे हैं. गायत्री देवी ने बताया कि यहां जिसे देखते हैं, मुझे लगता है कि सभी लोग हमारे परिवार हैं. अलग से हमारा भाई और रिश्तेदार क्यों मेरे से मिलने आयेगा? शहर व आसपास की ही महिलाएं यहां रह रहीं हैं. सबसे बड़ा दुख तब होता है जब बाजार से लोग सम्मानित करने आते हैं. मैं अपने परिजनों को देखने के लिए बेताब रहती हूं. उधवा की रहनेवाली अर्चना राय ने बताया कि मैं अपने परिजनों का नाम नहीं बताऊंगी, मुझे शर्म आती है. मेरे परिजन को शर्म नहीं आती है. पालन-पोषण कर बच्चों को बड़ा किया. आज हम बोझ बन गये हैं. शहर के कई समाजसेवी व संगठन के लोग मदर्स डे पर कार्यक्रम करने पहुंचेंगे.

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