ओके::फ्लैग-संत जेवियर्स हिंदी मीडियम में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन

-फादर बेंजामिन ने खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया-प्रतियोगिता में बच्चों को चार ग्रुपों मंे बांटा गया था-ब्रिटो ग्रुप ने प्रतियोगिता में 423 अंक ला कर प्रथम स्थान हासिल किया संवाददाता, साहिबगंजखेलकूद से बच्चों का मानसिक विकास होता है. यह बातें डीइओ भेलेरियन तिर्की ने रविवार को संत जेवियर्स हिंदी मीडियम […]

-फादर बेंजामिन ने खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया-प्रतियोगिता में बच्चों को चार ग्रुपों मंे बांटा गया था-ब्रिटो ग्रुप ने प्रतियोगिता में 423 अंक ला कर प्रथम स्थान हासिल किया संवाददाता, साहिबगंजखेलकूद से बच्चों का मानसिक विकास होता है. यह बातें डीइओ भेलेरियन तिर्की ने रविवार को संत जेवियर्स हिंदी मीडियम के 13वें वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों को संबोधित करते हुए कही. वहीं फादर इग्नशियस ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों का चहुंमुखी विकास होता है. इसके पूर्व मुख्य अतिथि भेलेरियन तिर्की ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. फादर बेंजामिन ने खेलकूद में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया. ब्रिटो ग्रुप ने प्रतियोगिता में 423 अंक ला कर प्रथम स्थान, लोयला ने 283, चैंपियन 281, कोस्टका को 245 अंक मिले. कार्यक्रम में ग्रुप ए सीनियर में बालक वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी सुभाष मड़ैया, गर्ल्स में त्रेया हांसदा, बी ग्रुप में अमित टोप्पो, गर्ल्स में रीना सोरेन रही. इसके पूर्व मार्च पास्ट के आयोजन में बच्चों ने अपने जलवे बिखेरे. कार्यक्रम को सफल बनाने में को-ऑर्डिनेटर शिवेश झा, संजय पांडे, आशीष झा, अमिता, मोतीलाल, वर्षा, प्रदीप, पुनिता, संजय पांडे, अमिता, गायत्री, लता, वीरेंद्र आदि का योगदान रहा. इस मौके पर शहर के कई पदाधिकारी व अभिभावक उपस्थित थे. ————————————फोटो नं 15 एसबीजी 10,11,12,13 है.कैप्सन: रविवार को खेलकूद कार्यक्रम का उदघाटन करते डीइओ,नृत्य करते बच्चे, मार्च फास्ट करते बच्चे, उपस्थित लोग

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टॉप बॉक्स :: : पुराने दिनों को याद कर छलक उठते हैं आंसूफोटो नं 09 एसबीजी 3 है कैप्सन - वृद्धाश्रम में रह रही वृद्ध महिलाएं.सुनील ठाकुर, साहिबगंजमदर्स डे पर प्रभात खबर ने साहिबगंज जिला मुख्यालय स्थित धोबी झरना के पास बने वृद्ध आश्रम में रह रही 9 वृद्ध माताओं का हाल-चाल जाना. वृद्ध आश्रम में 15 लोग हैं, जिनमें नौ महिला व छह पुरुष हैं. वहां रह रही अर्चना राय, शकुंतला देवी, उषा राय, नाचो मुर्मू, सुलमा किस्कू, बसंती देवी, गायत्री देवी, मोनिका देवी ने बताया कि लोग कहते हैं कि मां के पैरों के नीचे स्वर्ग है. निश्चित रूप से यह बात गलत नहीं हो सकती क्योंकि धार्मिक किताब में भी लिखी हुई है. लेकिन आजकल के बच्चे इसे समझ नहीं पा रहे हैं. यही कारण है कि बूढ़े मां-बाप को बच्चे बोझ समझते हैं. रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी उषा राय ने बताया कि मदर्स डे पर सभी आते हैं लेकिन आखिर परिजन क्यों नहीं आते हैं. बरमसिया बरहेट निवासी सलमा किस्कू बताती हैं कि पहले हम लोग सुना करते थे कि बड़े-बड़े शहरों में शहर के लोग अपने मां-बाप को वृद्धाश्रम में रखते हैं पर अब आदिवासी लोगों को भी अपने मां-बाप भारी लगने लगे हैं. गायत्री देवी ने बताया कि यहां जिसे देखते हैं, मुझे लगता है कि सभी लोग हमारे परिवार हैं. अलग से हमारा भाई और रिश्तेदार क्यों मेरे से मिलने आयेगा? शहर व आसपास की ही महिलाएं यहां रह रहीं हैं. सबसे बड़ा दुख तब होता है जब बाजार से लोग सम्मानित करने आते हैं. मैं अपने परिजनों को देखने के लिए बेताब रहती हूं. उधवा की रहनेवाली अर्चना राय ने बताया कि मैं अपने परिजनों का नाम नहीं बताऊंगी, मुझे शर्म आती है. मेरे परिजन को शर्म नहीं आती है. पालन-पोषण कर बच्चों को बड़ा किया. आज हम बोझ बन गये हैं. शहर के कई समाजसेवी व संगठन के लोग मदर्स डे पर कार्यक्रम करने पहुंचेंगे.

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