ओके ::::::: विश्व शांति के लिए पांच दिवसीय 108 महारूद्र यज्ञ का शुभारंभ

फोटो नंबर 14 एसबीजी 23, 24, 25 हैकैप्सन: शनिवार को निकली कलश यात्रायज्ञ स्थल उमड़ी भीड़पहुंचे पुरोहित प्रतिनिधि, तालझारी तालझारी प्रखंड अंतर्गत गंगा तट पर महाशिवरात्रि पर्व को लेकर महाराजपुर यज्ञ समिति की ओर से पांच दिवसीय विश्व शांति के लिये श्री श्री 108 महारूद्र यज्ञ का शुभांरभ शनिवार को हुआ. दुबौली से आये मुख्य […]

फोटो नंबर 14 एसबीजी 23, 24, 25 हैकैप्सन: शनिवार को निकली कलश यात्रायज्ञ स्थल उमड़ी भीड़पहुंचे पुरोहित प्रतिनिधि, तालझारी तालझारी प्रखंड अंतर्गत गंगा तट पर महाशिवरात्रि पर्व को लेकर महाराजपुर यज्ञ समिति की ओर से पांच दिवसीय विश्व शांति के लिये श्री श्री 108 महारूद्र यज्ञ का शुभांरभ शनिवार को हुआ. दुबौली से आये मुख्य आचार्य मुरारी लाल पांडे ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश यात्रा निकाली. यात्रा का शुभारंभ सकरीगली के बुद्धिजीवी विक्रम यादव ने फीता काट कर किया. कलश शोभा यात्रा में 5001 कन्याएं शामिल हुईं. महाराजपुर गंगा तट से जल भर कर यात्रा मीना बाजार, नया टोला, मेहंदीपुर, मसकलैया होते हुए वापस यज्ञ स्थल पहुंची. इस कार्यक्रम में बनारस के बह्मचारी राजेश पांडे, रामाशीष ओझा, ऋषीकेश पांडे व देवीशंकर शास्त्री मौजूद रहे.होगा हरिनाम हरि कीर्तनआचार्य रविशंकर शास्त्री ने बताया कि शाम छह बजे से आठ बजे तक प्रवचन होगा, प्रवचन व भागवत कथा स्वामी दिनेशानंद महाराज जी के द्वारा किया जायेगा. जिसमें हजारों महिलाएं और पुरुष कथा का आनंद उठायेंगे. वहीं आठ बजे से देर रात तक बंगाल के कलाकारों द्वारा रासलीला का आयोजन किया जायेगा. समिति के अध्यक्ष सुरेश यादव ने बताया कि शिवरात्रि पर मेला का आयोजन किया जायेगा. ज्ञात हो कि यहां लगने वाले मेले में दूर-दराज से लोग आते है इसका आनंद उठाते हैं. वहीं मौके पर भंडार की भी व्यवस्था की गयी है. कार्यक्रम को सफल बनाने में निर्मल भगत, कैलाश मंडल, डॉ सियाराम सिंह, केदार साह, श्रवण गुप्ता, बिरजू महतो, कृष्णा महतो, पंकज गुप्ता, नरेश महतो, मुन्ना सिंह, श्री राम सिंह सहित समिति के सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा.

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टॉप बॉक्स :: : पुराने दिनों को याद कर छलक उठते हैं आंसूफोटो नं 09 एसबीजी 3 है कैप्सन - वृद्धाश्रम में रह रही वृद्ध महिलाएं.सुनील ठाकुर, साहिबगंजमदर्स डे पर प्रभात खबर ने साहिबगंज जिला मुख्यालय स्थित धोबी झरना के पास बने वृद्ध आश्रम में रह रही 9 वृद्ध माताओं का हाल-चाल जाना. वृद्ध आश्रम में 15 लोग हैं, जिनमें नौ महिला व छह पुरुष हैं. वहां रह रही अर्चना राय, शकुंतला देवी, उषा राय, नाचो मुर्मू, सुलमा किस्कू, बसंती देवी, गायत्री देवी, मोनिका देवी ने बताया कि लोग कहते हैं कि मां के पैरों के नीचे स्वर्ग है. निश्चित रूप से यह बात गलत नहीं हो सकती क्योंकि धार्मिक किताब में भी लिखी हुई है. लेकिन आजकल के बच्चे इसे समझ नहीं पा रहे हैं. यही कारण है कि बूढ़े मां-बाप को बच्चे बोझ समझते हैं. रिफ्यूजी कॉलोनी निवासी उषा राय ने बताया कि मदर्स डे पर सभी आते हैं लेकिन आखिर परिजन क्यों नहीं आते हैं. बरमसिया बरहेट निवासी सलमा किस्कू बताती हैं कि पहले हम लोग सुना करते थे कि बड़े-बड़े शहरों में शहर के लोग अपने मां-बाप को वृद्धाश्रम में रखते हैं पर अब आदिवासी लोगों को भी अपने मां-बाप भारी लगने लगे हैं. गायत्री देवी ने बताया कि यहां जिसे देखते हैं, मुझे लगता है कि सभी लोग हमारे परिवार हैं. अलग से हमारा भाई और रिश्तेदार क्यों मेरे से मिलने आयेगा? शहर व आसपास की ही महिलाएं यहां रह रहीं हैं. सबसे बड़ा दुख तब होता है जब बाजार से लोग सम्मानित करने आते हैं. मैं अपने परिजनों को देखने के लिए बेताब रहती हूं. उधवा की रहनेवाली अर्चना राय ने बताया कि मैं अपने परिजनों का नाम नहीं बताऊंगी, मुझे शर्म आती है. मेरे परिजन को शर्म नहीं आती है. पालन-पोषण कर बच्चों को बड़ा किया. आज हम बोझ बन गये हैं. शहर के कई समाजसेवी व संगठन के लोग मदर्स डे पर कार्यक्रम करने पहुंचेंगे.

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