रांची से उत्तम कुमार की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचे. इसको लेकर जुडको ने पूरे शहर में आठ जल मीनारों का निर्माण कराया गया है. पिछले दो साल से ये जल मीनार बनकर तैयार हैं. लेकिन अब तक इन जलमीनारों से एक बूंद पानी किसी मोहल्ले में नहीं पहुंचा है. पानी सप्लाई नहीं होने का असर यह हुआ है कि शहर के एक बड़े इलाके के निवासी इस गर्मी में पूरी तरह से नगर निगम के टैंकर पर आश्रित हो गये हैं.
यहां-यहां बनकर तैयार हैं जल मीनार
पटेल पार्क हरमू, अमरुद बागान, बकरी बाजार, पहाड़ी मंदिर, बनहोरा वन व टू, मधुकम, पंडरा में जलमीनार बन कर तैयार हैं. वहीं हिंदपीढ़ी ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां अब तक जलमीनार का निर्माण नहीं हुआ है.
एनओसी के चक्कर में फंसा है मामला
शहरी जलापूर्ति योजना के तहत जुडको द्वारा पूरे शहर में 1150 करोड़ की लागत से सप्लाइ पाइपलाइन बिछाने का काम किया गया है. लेकिन रुक्का डैम से जिस राइजिंग पाइपलाइन के माध्यम से पानी आयेगा वह पाइपलाइन ही अब तक तिलता से रातू रोड तक नहीं बिछा है. नतीजा डैम से ही अब तक जलमीनारों तक पानी नहीं पहुंचा है. तिलता से रातू रोड तक पाइपलाइन बिछायी जाये. इसके लिए सड़क की खुदाई करके पाइपलाइन बिछानी होगी. इस सड़क खुदाई को लेकर जुडको द्वारा एनएचएआइ से अब तक आधा दर्जन बार एनओसी की मांग की गयी है. लेकिन एनएचएआइ द्वारा अब तक एनओसी नहीं दी गयी है. नतीजा पानी टंकी ही प्यासे रह गये हैं.
इसे भी पढ़ें: रेलवे ट्रैक पर फंसा ट्रेलर पर लदा पोकलेन, दो घंटे बाद धनबाद पहुंची कोल्ड फील्ड एक्सप्रेस
गर्मी में टैंकर से पानी बांटने को विवश है निगम
सप्लाई पाइपलाइन से पानी नहीं आने का असर शहर में यह हुआ है कि हर साल गर्मी के दिनों में जब लोगों के बोरिंग सुखने शुरू हो जाते हैं. तो ऐसे लोग पूरी तरह से नगर निगम के टैंकर पर आश्रित हो जाते हैं. पानी भरने के लिए लोग रतजगा तो कभी लोगों के बीच मारपीट भी हो जाती है.
इसे भी पढ़ें: परचून की दुकान पर गांजे का धंधा, बाप-बेटा समेत चार गिरफ्तार, 72,000 नकद बरामद
