Jharkhand News: अब झारखंड में घर पर ही होगा बीमार पशुओं का इलाज, केंद्र सरकार देगी राशि

झारखंड के पशुपालकों को उनके घरों में ही जानवरों के इलाज की सुविधा मिलेगी है. कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग का पशुपालन प्रभाग एंबुलेंस खरीदेगा. राज्य में 236 मोबाइल एंबुलेंस खरीदी जायेगी.

रांची : अब झारखंड के पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं के इलाज के लिए भटकना नहीं होगा. केंद्र सरकार उनके लिए घर पर इलाज की व्यवस्था कराएगी. इसके लिए कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग 236 मोबाइल एंबुलेंस खरीदेगा. इसका संचालन किसी एंजेंसी के माध्यम से होगा. इसके लिए केंद्र सरकार राशि दे रही है.

प्रति एक लाख जानवर पर एक मोबाइल एंबुलेंस :

केंद्र सरकार प्रति एक लाख जानवर पर एक मोबाइल एंबुलेंस दे रही है. राज्य में ताजा सर्वे में करीब 2.36 करोड़ जानवर झारखंड में हैं. राज्य सरकार ने एंबुलेंस खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पहले चरण में 30 एंबुलेंस खरीदने की योजना है. वाहन आपूर्तिकर्ताओं ने एक बार में सभी तरह की चिकित्सकीय सुविधा से युक्त इतने ही वाहन पहले चरण में उपलब्ध कराने की बात कही है. पूरी प्रक्रिया झारखंड राज्य इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी पूरी कर रही है.

एंबुलेंस में रहेंगे पारा वेटनरियन  

एंबुलेंस में पारा वेटनरियन रखे जायेंगे. उनको जानवरों के प्राथमिक इलाज की जानकारी दी जायेगी. पशुपालकों को यह सुविधा प्राप्त करने के लिए एक टोल फ्री नंबर दिया जायेगा. टोल फ्री नंबर पर फोन कर पशुपालक एंबुलेंस बुला सकते हैं. प्राथमिक इलाज पारा वेट उपलब्ध करा देंगे. अगर मामला गंभीर होगा, तो विभागीय पशु चिकित्सक से संपर्क कर उनकी सुविधा ले सकेंगे.

इसके संचालन की पूरी जिम्मेदारी एक संस्था की होगी. संस्था ही पारा वेट रखेंगे. इस काम के लिए संस्था को विभाग से भुगतान किया जायेगा. स्वास्थ्य विभाग अभी मरीजों की सुविधा के लिए 108 नंबर की एंबुलेंस चलाता है. इसी तर्ज पर पशुपालन विभाग भी सुविधा देने का प्रयास कर रहा है.

रिपोर्ट- मनोज सिंह

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Author: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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