खलारी. जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार को प्रखंड सभागार, खलारी में आयोजित किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता चार्ज पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रणव अम्बष्ट ने की. तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के पहले दिन प्रशिक्षक विवेककुमार शुक्ला एवं राकेशकुमार सिंह ने सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना के महत्व, जनगणना से जुड़े नियम एवं अधिनियम, तथा प्रगणक एवं पर्यवेक्षक की भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी.बीडीओ प्रणव अम्बष्ट ने भी सभी प्रतिभागियों को जनगणना 2027 के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 की जनगणना भारत की 16वीं जनगणना होगी और पहली बार पूरे देश में डिजिटल माध्यम से जनगणना संपन्न कराई जाएगी. बताया कि झारखंड में प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक किया जाएगा. साथ ही, जनगणना 2027 में पहली बार नागरिकों को स्व-जनगणना का विकल्प भी दिया जाएगा.इसके लिए एक विशेष पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा, जहां नागरिक स्वयं अपनी जनगणना कर सकेंगे. स्व-जनगणना के लिए यह पोर्टल 1 मई से 15 मई 2026 तक, यानी मुख्य प्रक्रिया शुरू होने से 15 दिन पूर्व खुला रहेगा. प्रखंड विकास पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इस पोर्टल का लाभ उठाकर स्व-जनगणना में भाग लें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें.प्रशिक्षण सत्र के पहले दिन कुल 49 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया.
खलारी में जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर प्रशिक्षण शुरू
तीन दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार को प्रखंड सभागार, खलारी में आयोजित किया गया.
