Ranchi News : ई-कल्याण स्कॉलरशिप पर अटका भविष्य

झारखंड के विद्यार्थियों को इस साल भी ई-कल्याण पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.

ई-कल्याण स्कॉलरशिप पर अटका भविष्य

::: सत्र 2024-25 के आवेदनकर्ता छात्रों को अब तक नहीं मिली राशि, कॉलेज फीस और हॉस्टल खर्च के लिए उठाना पड़ रहा उधार

::: केंद्र और राज्य की साझी योजना में फंसी छात्रवृत्ति, तीन साल से लगातार हो रही देरी

::: तकनीकी खामियां और फंड की कमी बनी छात्रों के सपनों में बाधा

:::: कई छात्र-छात्राएं पास आउट हो गये, लेकिन छात्रवृत्ति नहीं मिली

क्रांति दीप, रांची

झारखंड के विद्यार्थियों को इस साल भी ई-कल्याण पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. सत्र 2024-25 के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि जारी नहीं होने के कारण कई छात्रों की कॉलेज फीस, हॉस्टल खर्च और पढ़ाई प्रभावित हो रही है. रांची के विभिन्न कॉलेजों में झारखंड के ग्रामीण छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के भरोसे शहर में पढ़ने आते हैं. लेकिन, समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस स्थिति से नाराज छात्र लगातार आवाज उठा रहे हैं. छात्रवृत्ति को लेकर छात्राें का समूह कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं. लिखित आवेदन भी दे चुके हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी बात रख रहे हैं. छात्रों का कहना है कि यह स्कॉलरशिप उनके लिए शिक्षा जारी रखने का मुख्य सहारा है, जिसे रोक दिये जाने से पढ़ाई पर संकट आ गया है.

छात्रवृत्ति भुगतान में लगातार विलंब का सामना कर रहे छात्र

छात्रों ने बताया कि झारखंड में छात्रवृत्ति का प्रावधान केंद्र सरकार (60%) और राज्य सरकार (40%) की साझेदारी से होता है. केंद्र सरकार की ओर से राशि उपलब्ध नहीं करायी जा रही है. झारखंड विधानसभा माॅनसून सत्र 2025 में कल्याण विभाग को मात्र 39 करोड़ (केंद्र-27 करोड़, राज्य-12 करोड़) का ही प्रावधान हुआ है, जो विद्यार्थियों की संख्या और आवश्यकताओं की तुलना में कम है. झारखंड के ओबीसी विद्यार्थियों को पिछले तीन वर्षों से ई-कल्याण छात्रवृत्ति भुगतान में लगातार विलंब का सामना करना पड़ रहा है. छात्रों ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार तत्काल लंबित राशि जारी करें. तकनीकी खामियों को दूर कर पोर्टल को सुचारू रूप से चलाया जायें.

क्या कहते हैं विद्यार्थी

स्कॉलरशिप के इंतजार में उधार लेकर पढ़ाई

संत जेवियर कॉलेज, रांची से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे हैं. हमलोग की फीस एक साल का 47000 के आसपास है. छात्रवृत्ति के भरोसे उधार लेकर नामांकन कराये थे. पिछले साल की छात्रवृत्ति अभी तक नहीं मिली है, जिसके कारण दूसरे साल की फीस भी उधार लेकर जमा करना पड़ा है. रांची में रहने का किराया भी अब बहुत बढ़ गया है. आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

-सदानंद कुमार, छात्र

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पिता किसान हैं, सोचे थे स्कॉलरशिप के पैसे से भरेंगे फीस

सीआइटी से बीटेक कर रहे हैं. पिछले साल स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किये थे, लेकिन अभी तक स्कॉलरशिप का पैसा नहीं मिला है. पिता किसान हैं. प्रति सेमेस्टर लगभग 50000 रुपये फीस देना पड़ता है. सोचे थे स्कॉलरशिप के पैसे से फीस देंगे. लेकिन, अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिली है. फीस भरने को लेकर काफी चिंता होती है.

-निशांत कुमार, छात्र

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स्कॉलरशिप के भरोसे नामांकन कराया

साईंनाथ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रहे हैं. पिताजी खेती करते हैं. स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किये लगभग एक साल होने जा रहा है. उधार लेकर फीस जमा कर रहे हैं. समय पर स्कॉलरशिप नहीं मिलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. समय पर स्कॉलरशिप मिलती तो उधार नहीं लेना पड़ता.

– धृत कुमार, विद्यार्थी

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छात्रवृत्ति में देरी से लेना पड़ा लोनलोन लेकर फीस देना पड़ा. बीआइटी से बीसीए की पढ़ाई कर रहे हैं. अभी सेमेस्टर फीस 90000 रुपये लगा. लोन लेकर फीस देना पड़ा. ई-कल्याण स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किये कई माह हो गये. लगा था स्कॉलरशीप मिलेगा तो आसानी होगी. लेकिन, अब तक स्कॉलरशिप नहीं मिलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पिताजी प्राइवेट नौकरी करते हैं.

दीपू कुमार, विद्यार्थी

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फीस जमा नहीं होेने के कारण सर्टिफिकेट नहीं ले पा रहे

बीसीए की पढ़ाई पूरी कर लिए हैं. लेकिन, अपना सर्टिफिकेट नहीं ले पा रहे हैं. क्योंकि, कॉलेज में फीस जमा नहीं है. इसके कारण इस साल कहीं एडमिशन भी नहीं ले पाये. सोचे थे छात्रवृत्ति आयेगी तो फीस जमा करेंगे. लेकिन, अब तक छात्रवृत्ति अब तक नहीं आयी. अब काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

– शिवम, छात्र

———————–कॉलेज की फीस लोन लेकर देना पड़ा

इस साल मारवाड़ी कॉलेज से एमएससी की पढ़ाई पूरी किये हैं. अपने बैच के टॉपर भी रहे. स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किये थे. लेकिन, अब तक स्कॉलरशिप का पैसा नहीं मिल पाया. स्कॉलरशिप का पैसा नहीं मिलने के कारण कॉलेज की फीस भी लोन लेकर देना पड़ा. समय पर स्कॉलरशिप मिलती तो दिक्कत नहीं होती.

– सुरेश गोराई, छात्र

———————–कॉलेज फीस का पहला इंस्टॉलमेंट उधार लेकर दिये थे

लातेहार के रहने वाले हैं. संत जेवियर्स कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं. सत्र 2024-25 की छात्रवृत्ति अब तक नहीं मिली है. लगभग एक साल पहले आवेदन किये थे. इंस्टॉलमेंट से कॉलेज की फीस दे रहे हैं. पहला इंस्टॉलमेंट उधार ले कर दिये थे. अब दूसरा इंस्टॉलमेंट देने के लिए चिंता हो रही है. पिताजी किसान हैं.

– प्रीतम कुमार, छात्र

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Author: SUNIL JHA

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