रांची. हटिया मजदूर यूनियन ने सप्लाई कर्मियों को स्थायी करने को लेकर 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. यह बातें यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने मंगलवार को एचइसी कर्मियों की सभा में कही. उन्होंने कहा कि एचइसी में सप्लाई कर्मी 10 से 30 वर्षों से कार्य कर रहे हैं. झारखंड हाइकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में जिन निगम कर्मियों ने 10 साल या उससे अधिक सेवा दी है और स्थायी प्रकृति के कामों को करते आ रहे हैं, उन्हें उसी स्थान पर स्थायी किया जाये. साथ ही स्थायी प्रकृति के कार्य में लगे कर्मियों को समान काम का समान वेतन भुगतान किया जाये. यदि वर्तमान प्रबंधन 15 दिनों के अंदर कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो यूनियन कानूनी कदम उठायेगी. श्रम विभाग, हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जायेगा. उन्होंने कहा कि एचइसी के सभी 1400 कर्मी सीधे उत्पादन से जुड़े हैं
एचइसी के बारे में केंद्र जल्द फैसला ले : लालदेव सिंह
रांची. केंद्र सरकार ने छह वर्ष पहले भेल के प्रबंधन को एचइसी को बेहतर स्थिति में लाने के लिए प्रमोशन एवं सभी सुविधा देकर भेजा, लेकिन प्रबंधन एचइसी को बेहतर करने के बजाय इसे गर्त में ले जा रहा है. जिसके कारण यहां के कर्मचारियों को नियमित वेतन नहीं मिल रहा है. सुविधाओं में कटौती की जा रही है. जिससे उनका जीवन तबाह हो रहा है. उन्होंने कहा कि एचइसी को चलाने के नाम पर भेल प्रबंधन को एचइसी में रखने का कोई औचित्य नहीं है. केंद्र सरकार अब एचइसी के बारे में जल्द फैसला ले. अगर सरकार फैसला नहीं लेती है, तो यहां के अधिकारी व मजदूर मिलकर भेल प्रबंधन पर दबाव बनायेंगे.
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