हिंदपीढ़ी के शिक्षक ऑनलाइन छात्रों को पढ़ा कर खुद को रख रहे तनावमुक्त

डॉ अबरार अहमद लगातार कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए आॅनलाइन लेक्चर अपलोड कर रहे हैं. वे कहते हैं कि मेरी यही कोशिश है कि खुद को अपने विषय के पास रखूं, ताकि स्टूडेंट‍्स को फायदा मिल सके.

रांची : हिंदपीढ़ी के मेन स्ट्रीट स्थित एक अपार्टमेंट में जेएन कॉलेज के गणित विभागाध्यक्ष डॉ अबरार अहमद रहते हैं. यहां लगातार कोरोना मरीजों के पाये जाने के कारण पूरा इलाका पूरी तरह सील है. वे कहते हैं कि पूरा इलाका सील होने के कारण हम कहीं बाहर नहीं जा सकते हैं. मैं तो 40 दिनों से अपने अपार्टमेंट से नीचे तक नहीं उतरा हूं. ऐसी परिस्थिति में मानसिक तनाव होना आम बात है, लेकिन छात्रों को पढ़ा कर मैं इससे बाहर निकलता हूं. जब कोई छात्र मुझसे यह पूछता है कि सर, आपके लेक्चर में कुछ डाउट है. तब मेरा सारा ध्यान उस डाउट पर चला जाता है. दिमाग से तनाव गायब हो जाता है.

डॉ अबरार अहमद लगातार कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए आॅनलाइन लेक्चर अपलोड कर रहे हैं. वे कहते हैं कि मेरी यही कोशिश है कि खुद को अपने विषय के पास रखूं, ताकि स्टूडेंट‍्स को फायदा मिल सके. स्टूडेंट को पढ़ाना हमारी पहली प्राथमिकतारामलखन सिंह यादव कॉलेज के उर्दू शिक्षक डॉ जफर भी इन दिनों यू-ट्यूब और ऑनलाइन क्लास के जरिये ही विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं. डॉ जफर ऑडियो लेक्चर रिकॉर्ड करते हैं और कॉलेज के यू ट्यूब चैनल पर अपलोड कर देते हैं. इसके बाद कई स्टूडेंट का फोन आता है और उन्हें जो समझ में नहीं आता है, उसके बारे में पूछते हैं. डॉ जफर कहते हैं कि मैं हिंदपीढ़ी के एक अपार्टमेंट में रहता हूं. पूरा इलाका सील है, लेकिन मेरी पहली प्राथमिकता स्टूडेंट को पढ़ाना है. इसके बाद ही मैं किसी और बातों के बारे में सोचता हूं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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