कोल इंडिया को बचाने के लिए 12 को हड़ताल जरूरी : रमेंद्र कुमार
एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने बचरा ऑफिसर्स क्लब में सोमवार को संयुक्त मोर्चा के जोनल कन्वेंशन में कही
By JITENDRA RANA | Updated at :
प्रतिनिधि, पिपरवार.
कोल इंडिया को बचाने के लिए 12 फरवरी को हड़ताल किया जाना है. हड़ताल कर कोल इंडिया को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. उक्त बातें एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने बचरा ऑफिसर्स क्लब में सोमवार को संयुक्त मोर्चा के जोनल कन्वेंशन में कही. कहा कि जब कोयला अमेरिका से आयेगा तो कोल इंडिया का कोयला खरीदेगा कौन? इसीएल, बीसीसीएल व एमसीएल का कोयला बिक नहीं रहा है. केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर कटाक्ष करते हुए रमेंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र मोदी सरकार ने चार लेबर कोड व अमेरिका से व्यापार समझौते की वजह से दो मोर्चे खोल दिये हैं. मजदूर व किसान अपने अधिकारों की रक्षा के लिए 12 फरवरी को सड़क पर उतरेंगे. श्री कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार चार लेबर कोड के माध्यम से आपके अधिकारों को छिनना चाहती है. उन्होंने बताया कि बीएमएस के लोग भले ही हड़ताल में शामिल नहीं हैं, लेकिन वे भी केंद्र सरकार के चार लेबर कोड का विरोध कर रहे हैं. कहा कि जनता के पास हड़ताल की ताकत है. किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जनता अपनी हड़ताल की ताकत से चार लेबर कोड को निरस्त करा सकती है. उन्होंने सीसीएलकर्मियों से 12 फरवरी को बिना हाजिरी बनाये हड़ताल में शामिल होने की अपील की. इससे पूर्व आरकेएमयू के सुनील सिंह, जेसीएमयू के नारायण महतो, सीएमयू के उदय कुमार सिंह, सीटू के शैलेश कुमार, जेबीसीसीआइ सदस्य नागेश्वर, यूसीडब्ल्यूयू के अशोक यादव, आरसीएमयू के ललन सिंह, जेएमएस के कमलेश कुमार सिंह व सीएमयू के गिरिनाथ सिंह ने भी अपने संबोधन में चार लेबर कोड कानून के दुष्प्रभाव से सीसीएलकर्मियों को अवगत कराते हुए हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. कन्वेंशन का संचालन इस्लाम अंसारी, भीम सिंह यादव व रवींद्र नाथ सिंह ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर क्षेत्र के हड़ताल समर्थित सभी यूनियन के नेता व काफी संख्या में सीसीएलकर्मी मौजूद थे.