देवघर में नहीं तो क्या मक्का और वेटिकन में निकलेगी शिव बारात? हेमंत सोरेन पर निशिकांत दुबे का बड़ा हमला

डॉ निशिकांत दुबे ने गुरुवार को ट्वीट करके झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देवघर भगवान शिव की नगरी है. देवघर का अर्थ है कि भगवान शंकर यहां के कण-कण में वास करते हैं. अगर भगवान शिव की नगरी में ‘शिव बारात’ नहीं निकलेगी, तो कहां निकलेगी? मक्का और वेटिकन में?

Shiv Barat Deoghar: द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में महाशिवरात्रि पर शिव बारात का मार्ग बदले जाने से पंडा समाज के साथ-साथ गोड्डा के सांसद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता निशिकांत दुबे भी बेहद नाराज हैं. डॉ निशिकांत दुबे ने इस संबंध में झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, तो दूसरी तरफ हेमंत सोरेन की सरकार पर जोरदार हमला भी बोल रहे हैं. श्री दुबे ने पूछा है कि अगर शिव की बारात बाबा नगरी देवघर में नहीं निकलेगी, तो क्या मक्का और वेटिकन में निकलेगी?

डॉ निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर हेमंत सोरेन पर बोला हमला

डॉ निशिकांत दुबे ने गुरुवार को ट्वीट करके झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देवघर भगवान शिव की नगरी है. देवघर का अर्थ है कि भगवान शंकर यहां के कण-कण में वास करते हैं. हजारों साल से यहां शिव बारात निकालने की परंपरा है. अगर भगवान शिव की नगरी में ‘शिव बारात’ नहीं निकलेगी, तो कहां निकलेगी? मक्का और वेटिकन में?

Also Read: Mahashivratri 2023: देवघर में शिव बारात पर SDO के आदेश से मची खलबली, सांसद पहुंचे झारखंड हाईकोर्ट

ये बाबा की नगरी है, यहां किसी का अहंकार नहीं चलता

श्री दुबे ने हेमंत सोरेन पर अहंकार में डूबकर शिव बारात को बाधित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह ‘बाबा की नगरी’ है. यहां किसी का अहंकार नहीं चलता. मुझे पूरा विश्वास है कि हेमंत सोरेन अपने पतन के रास्ते पर आगे बढ़ चले हैं. उन्होंने कहा कि शिव बारात के मार्ग में 144 लगाने के फैसले में जो भी अधिकारी शामिल हैं, उन सभी सरकारी अधिकारियों की बर्बादी का रास्ता साबित होगा.

Also Read: देवघर में शिव बारात को लेकर प्रशासनिक फरमान पर बिफरे गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, बोले- अब होगी आरपार की लड़ाई

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >