ranchi news : सतुआनी 14 और मिथिला का लोकपर्व जुड़ शीतल 15 को
14 अप्रैल को सतुआनी पर्व है. सुबह 5.42 बजे सूर्योदय है, जिसके बाद संक्रांति का पुण्यकाल शुरू हो जायेगा. यह पुण्यकाल छह घंटे तक मान्य रहता है.
रांची. 14 अप्रैल को सतुआनी पर्व है. सुबह 5.42 बजे सूर्योदय है, जिसके बाद संक्रांति का पुण्यकाल शुरू हो जायेगा. यह पुण्यकाल छह घंटे तक मान्य रहता है. पंडित कौशल कुमार मिश्र ने कहा कि इस दिन सत्तु, पंखा, मिट्टी का घड़ा, आम का टिकोला, गुड़, बेल, मीठे फल, द्रव्य आदि के दान का महत्व है.
शीतला माता को बासी भोजन व जल अर्पित करने की परंपरा
वहीं 15 को मिथिला का लोकपर्व जुड़ शीतल मनाया जायेगा. सूर्योदय से पहले वृद्धजन अपने से छोटे को शीतल जल देकर उसे जुड़े रहने का आशीर्वाद देते हैं. भगवान को शीतल जल से पूजा-अर्चना की जाती है. शीतला माता को बासी भोजन व जल अर्पित करने की परंपरा है. घरों के प्रमुख दरवाज और अन्य जगहों पर टीका लगाने की परंपरा है. मान्यता है कि देवी घरों को विभिन्न रोगों से दूर रखती हैं. घर में चूल्हा की भी पूजा होती है. घर के सभी लोग बासी भोजन ग्रहण करते हैं. इसके लिए सतुआनी की रात को ही विशेष भोजन तैयार कर लिया जाता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
